SECL कुसमुंडा में 2100 करोड़ रुपए का ‘कागजी कोयला’ महाघोटाला, साक्ष्यों को दबाने के लिए जनसंपर्क अधिकारी ने फैलाया झूठ, RTI कार्यकर्ता ने ठोंकी आपराधिक शिकायत

कोरबा/बिलासपुर: SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की कुसमुंडा परियोजना में 70 लाख टन कोयला हेराफेरी के आरोप वाले सनसनीखेज मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस महाघोटाले को उजागर करने वाले RTI कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने अब SECL मुख्यालय के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) कोरबा के समक्ष आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज करने हेतु आवेदन दिया है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार अधिकारियों पर ‘साक्ष्य मिटाने’ का प्रयास किया जा रहा हैँ SECL कुसमुंडा के आधिकारिक दस्तावेजों में मार्च 2025 का क्लोजिंग स्टॉक और अप्रैल 2025 का ओपनिंग स्टॉक आपस में मेल नहीं खाता है। कागजों पर मौजूद यह 70 लाख टन का अंतर, जिसकी बाजार कीमत ₹2100 करोड़ से अधिक है, सीधे तौर पर संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
हाल ही में SECL मुख्यालय के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी किए गए एक बयान में इन दस्तावेजों को “पुराना और भ्रामक” बताया गया था। इस पर पलटवार करते हुए जितेंद्र साहू ने आरोप लगाया है कि PRO ने जानते हुए भी कि दस्तावेज सरकारी हैं, उन्हें गलत बताकर मुख्य अभियुक्तों को बचाने का आपराधिक षड्यंत्र किया है इसके साथ ही आमजन को गुमराह करने एक लोक सेवक के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार की जांच को प्रभावित करने के लिए बिना जाँच झूठी सूचना फैलाया गया हैँ
जितेंद्र साहू ने अपनी शिकायत में मांग की है कि SECL मुख्यालय के जनसंपर्क विभाग और कुसमुंडा परियोजना के रिकॉर्ड को तत्काल जब्त (Seize) किया जाए। उन्होंने अंदेशा जताया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो डिजिटल रिकॉर्ड्स और फिजिकल फाइलों को नष्ट किया जा सकता है।
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शिकायतकर्ता के आरोप
“70 लाख टन कोयला हवा में गायब नहीं हो सकता। मेरे पास मौजूद दस्तावेजों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। जनसंपर्क अधिकारी का बयान केवल एक सफेद झूठ है, जो बड़े भ्रष्टाचारियों को सुरक्षा कवच देने जैसा प्रतीत होता है। अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
इस मामले को लेकर SECL प्रबंधन और सम्बंधित प्रशासनिक जिम्मेदारो के बिच हड़कंप मचा हुआ है। मामला अब CBI, CVC और ED की रडार पर है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।





