SECL में भेदभाव: अधिकारियों को एनओसी, कर्मचारियों को उच्च शिक्षा से रोका; सीटू ने उठाई मांग


SECL में भेदभाव: अधिकारियों को एनओसी, कर्मचारियों को उच्च शिक्षा से रोका; सीटू ने उठाई मांग..
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की उच्च शिक्षा नीति में विसंगतियों के कारण गैर-कार्यकारी (नॉन-एग्जीक्यूटिव) कर्मचारियों को तकनीकी शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। इस संबंध में वी. एम. मनोहर ने SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को पत्र लिखकर कंपनी की गाइडलाइन्स में सुधार करने और भेदभाव खत्म करने की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), अंबिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से AICTE अनुमोदित B.Tech./M.Tech. (वर्किंग प्रोफेशनल्स) पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। यह कोर्स सुरगुजा, बिश्रामपुर और भटगांव क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए नौकरी के साथ उच्च तकनीकी शिक्षा पाने का बेहतरीन मौका है। यह शाम 4:05 से रात 9:35 बजे तक चलने वाला एक रेगुलर (इवनिंग) कोर्स है, जिससे ड्यूटी प्रभावित नहीं होती।
प्रमुख मांगें और विसंगतियां:
* दोहरा मापदंड: इसी कोर्स के लिए SECL के अधिकारियों (Executives) को एनओसी (NOC) दी जा चुकी है, लेकिन गाइडलाइन्स का हवाला देकर आम कर्मचारियों को इससे रोका जा रहा है।
* नीति में बदलाव की जरूरत: SECL की वर्तमान गाइडलाइन्स में केवल डिस्टेंस लर्निंग का जिक्र है। मांग की गई है कि इस नए वर्किंग प्रोफेशनल्स कोर्स को भी उच्च शिक्षा नीति में शामिल किया जाए।
* अन्य कंपनियों का हवाला: कोल इंडिया की दूसरी अनुषंगी कंपनियों (जैसे WCL, CCL, BCCL, ECL) में कर्मचारियों को ऐसे रेगुलर इवनिंग/वीकेंड कोर्सेज के लिए एनओसी दी जा रही है।
* MoU की मांग: पत्र में SECL और GEC अंबिकापुर के बीच एक MoU करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत सुरगुजा क्षेत्र के कर्मचारियों का कौशल विकास हो सके।





