आदर्श नगर कुसमुंडा में सजेगा भव्य डांडिया रास: नवरात्रि पर ओपन गरबा और विजयादशमी पर विवेक ताम्रकार के जसगीत की मचेगी धूम..

आदर्श नगर कुसमुंडा में सजेगा भव्य डांडिया रास: नवरात्रि पर ओपन गरबा और विजयादशमी पर विवेक ताम्रकार के जसगीत की मचेगी धूम.. 
कोरबा (छत्तीसगढ़): देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय त्योहारों की भव्यता अब कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में जीवंत होने जा रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आदर्श नगर कुसमुंडा के ऐतिहासिक इंदिरा स्टेडियम में ‘मां कुष्मांडा दाई सेवा समिति’ की ओर से एक बेहद भव्य और वृहद स्तर पर ‘ओपन गरबा और डांडिया महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के किसी बड़े उत्सव की तरह सजे इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह है।
इस गरिमामयी आयोजन को भव्यता देने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवतियां और बच्चे पूरी ऊर्जा के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं।
फील द बीट: रिदम पर थिरक रहे कदम
समिति ने इस बार गरबा और डांडिया के स्तर को और अधिक पेशेवर और आकर्षक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। वर्तमान में आदर्श नगर कुसमुंडा के सामुदायिक भवन में एक विशाल गरबा वर्कशॉप संचालित की जा रही है।
प्रशिक्षण: देश के आधुनिक डांस फॉर्म्स और पारंपरिक लोक विधाओं के मेल के साथ, ‘फील द बीट डांस क्लास’ के विशेषज्ञ कोरियोग्राफर इस वर्कशॉप को लीड कर रहे हैं।
उत्साह: इसमें कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे प्रतिदिन बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और गरबा के कठिन स्टेप्स व पारंपरिक शैलियों को सीख रहे हैं।
आस्था, परंपरा और मनोरंजन का महासंगम (7 वर्षों का गौरवशाली सफर)
‘मां कुष्मांडा दाई सेवा समिति’ पिछले 7 वर्षों से लगातार इस गौरवशाली परंपरा का निर्वहन कर रही है। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन केवल एक नृत्य उत्सव नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय पर्व की तरह पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बन चुका है।
विशाल मेला और चौपाटी:
नवरात्रि के दौरान इंदिरा स्टेडियम का नजारा किसी भव्य राष्ट्रीय मेले जैसा होता है।
आकर्षण: यहाँ बच्चों और बड़ों के लिए तरह-तरह के रोमांचक झूले, लजीज व्यंजनों से सजी चौपाटी और हस्तशिल्प व खिलौनों की विविध दुकानें लगाई जा रही हैं, जो रोजाना हजारों की भीड़ को आकर्षित करती हैं।
विजयादशमी पर महा-उत्सव: रावण दहन और भव्य जसगीत
इस महा-महोत्सव का चरमोत्कर्ष विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर देखने को मिलेगा।
1. अधर्म पर धर्म की विजय:
इंदिरा स्टेडियम में पारंपरिक रीति-रिवाजों और भव्य आतिशबाजी के साथ अत्याचारी रावण का दहन किया जाएगा।
2. सांस्कृतिक संध्या:
रावण दहन के तुरंत बाद, छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध और लोकप्रिय माटी-कलाकार विवेक ताम्रकार का भव्य जसगीत कार्यक्रम आयोजित होगा। विवेक ताम्रकार की सुमधुर आवाज और माता की भक्ति से ओतप्रोत जसगीतों की प्रस्तुति इस राष्ट्रीय स्तर के त्योहार को एक आध्यात्मिक और अविस्मरणीय ऊंचाई पर ले जाएगी। मां कुष्मांडा दाई सेवा समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों को सपरिवार इस भव्य राष्ट्रीय उत्सव का साक्षी बनने और माता की आराधना के इस महापर्व में शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया है।





