सूरजपुर मां-बेटी मर्डर-रेप केस में बड़ा फैसला, कुलदीप समेत 3 दोषियों को फांसी; चौथे को उम्रकैद

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में आज 8 अक्टूबर 2026 को चार दोषियों की सजा पर फैसला होना है। करीब दो साल पहले हुए इस दोहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में दोषी करार दिया था। अदालत अब दोषियों की सजा की अवधि और स्वरूप तय करेगी।
मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत में हुई। अदालत ने 29 सितंबर को कुलदीप साहू के अलावा चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके, फूल सिंह उर्फ रिंकू और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को दोषी ठहराया था। वहीं, दो अन्य आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया था।
पीड़ित पक्ष ने मांगी अधिकतम सजा
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संजय अंबस्ट ने दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की है। उनका कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में आता है और अदालत के समक्ष कठोरतम सजा की मांग रखी जाएगी।
हालांकि, दोषियों को किस तरह की और कितनी सजा मिलेगी, इसका अंतिम निर्णय अदालत करेगी। हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर सजा निर्धारित की जाएगी।
दोषी ठहराए जाने के बाद चर्चा में आया कुलदीप का वीडियो
29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू का अदालत से बाहर निकलते हुए एक वीडियो भी चर्चा में आया था। वीडियो में वह मुस्कुराता हुआ और पत्रकारों की ओर स्माइली साइन करता नजर आया था। इस दौरान उसके व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई।
इसी दिन कुलदीप साहू को पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश से जुड़े एक अलग मामले में 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, मां-बेटी हत्याकांड में सजा सुनाने के लिए अदालत ने 8 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी।
13 अक्टूबर 2024 की रात हुई थी वारदात
यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात सामने आया था। सूरजपुर में एक हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और उसकी नाबालिग बेटी की हत्या कर दी गई थी। 14 अक्टूबर को दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर बरामद हुए थे।
जांच के दौरान महिला के साथ दुष्कर्म और इसके बाद मां-बेटी की धारदार हथियार से हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के समय हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर था। जब वह घर लौटा तो घर के अंदर खून के निशान मिले, लेकिन उसकी पत्नी और बेटी वहां मौजूद नहीं थीं।
दोनों की तलाश शुरू की गई और अगले दिन उनके शव बरामद हुए। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पूरे सूरजपुर में आक्रोश फैल गया था।
भाई से मारपीट के बाद बदले की बात आई सामने
पुलिस जांच में हत्याकांड से पहले हुए एक विवाद का भी जिक्र किया गया। जांच के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2024 की रात शहनाज अख्तर के जगराता कार्यक्रम के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था।
इसके बाद पुलिस द्वारा संदीप को थाने ले जाने और उसके साथ कथित मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी घटना से कुलदीप नाराज था और उसने कथित तौर पर बदला लेने के लिए कुछ लोगों को निशाना बनाया।
इसके बाद 13 अक्टूबर को पुलिसकर्मियों के साथ विवाद और फिर मां-बेटी की हत्या की घटना सामने आई।
आरक्षक पर खौलता तेल डालने का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की शाम कुलदीप साहू अपने कुछ साथियों के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड के पास मौजूद था। इसी दौरान आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर उस पर पड़ी।
पुलिस का आरोप है कि कुलदीप को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने आरक्षक पर खौलता तेल डाल दिया और तलवार से हमला करने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान एक हेड कॉन्स्टेबल को वाहन से कुचलने की कोशिश का मामला भी सामने आया।
घर लौटे हेड कॉन्स्टेबल को मिले खून के निशान
ड्यूटी खत्म होने के बाद जब हेड कॉन्स्टेबल घर पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर वह हैरान रह गया। घर के अंदर फर्श और दीवारों पर खून के निशान थे, जबकि उसकी पत्नी और बेटी गायब थीं।
परिजनों और पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। पूरी रात खोजबीन के बाद अगले दिन घर से करीब पांच किलोमीटर दूर दोनों के शव बरामद किए गए। जांच में महिला के साथ दुष्कर्म और फिर मां-बेटी की हत्या किए जाने की बात सामने आई।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चलाया गया अभियान
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके साथियों की तलाश तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक, कुलदीप साहू घटना के बाद झारखंड चला गया था। बाद में उसके वापस लौटने की जानकारी मिलने पर बलरामपुर पुलिस ने उसे बस स्टैंड पर बस से उतरते समय गिरफ्तार किया।
मामले में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
हत्या के बाद सूरजपुर में भड़का था आक्रोश
मां-बेटी की हत्या की खबर सामने आने के बाद सूरजपुर में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोपी के घर और गोदाम के बाहर खड़े वाहनों में आग लगाने की घटना भी सामने आई थी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल बढ़ाया गया था। सरगुजा आईजी के नेतृत्व में पुलिस ने इलाके में मार्च भी निकाला था।
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आज तय होगी दोषियों की सजा
अक्टूबर 2024 में हुई इस सनसनीखेज वारदात के करीब दो साल बाद अदालत ने 29 सितंबर 2026 को चार आरोपियों को दोषी करार दिया। अब 8 अक्टूबर 2026 को इन दोषियों की सजा निर्धारित की जानी है।
पीड़ित पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की है। हालांकि, दोषियों को कितनी सजा मिलेगी, यह अदालत के अंतिम आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में आने वाले सजा के फैसले पर टिकी हैं।





