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Health and fitness

क्या आप भी खरीद रहे हैं नकली हेल्थ सप्लीमेंट? FSSAI ने बताया असली प्रोडक्ट पहचानने का आसान तरीका

अगर आप नियमित रूप से हेल्थ सप्लीमेंट लेते हैं या बाजार से पैक्ड पानी खरीदते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों के उल्लंघन पर एक पैकेज्ड पानी कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है, वहीं Venolex Forte नामक हेल्थ सप्लीमेंट के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी है. आखिर कार्रवाई क्यों हुई और उपभोक्ताओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए, आइए जानते हैं. बाजार से पैक्ड पानी की बोतल खरीदते समय या हेल्थ सप्लीमेंट लेते समय ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि ये सभी जरूरी सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते होंगे. लेकिन भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की हालिया कार्रवाई ने दिखाया है कि नियमों में जरा-सी लापरवाही भी अब भारी पड़ सकती है. FSSAI ने त्रिपुरा की मातृ ड्रिंकिंग वॉटर का लाइसेंस निलंबित कर दिया है, जबकि पंजाब की नोबल हेल्थकेयर को उसके हेल्थ सप्लीमेंट ‘वेनोलेक्स फोर्ट’ के प्रोडक्शन, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री से रोक दिया है. दोनों मामलों में जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन सामने आए.

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FSSAI ने किन कंपनियों के खिलाफ की कार्रवाई?

FSSAI के मुताबिक, मातृ ड्रिंकिंग वॉटर के खिलाफ पैकेज्ड पानी में फॉरेन मैटेरिय) मिलने की शिकायत मिली थी. इसके बाद निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं. जांच में पाया गया कि तैयार पानी की बोतलों को गैर-खाद्य सामग्री के साथ और सीधे फर्श पर रखा गया था, जिससे उनके दूषित होने का खतरा था. इसके अलावा प्रोसेसिंग और फिलिंग एरिया में साफ-सफाई की खराब स्थिति, टूटी दीवारें, उखड़ता पेंट, जाले और कीट नियंत्रण के अपर्याप्त इंतजाम भी मिले.

हेल्थ सप्लीमेंट में क्या मिली गड़बड़ी?

FSSAI ने पंजाब के मोहाली स्थित नोबल हेल्थकेयर को उसके हेल्थ सप्लीमेंट ‘वेनोलेक्स फोर्ट’ के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री से रोक दिया है. जांच में पाया गया कि इस उत्पाद में ऐसे इंग्रीडिएंट्स मौजूद थे, जिन्हें मौजूदा नियमों के तहत हेल्थ सप्लीमेंट में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है.

किन नियमों का हुआ उल्लंघन?

‘वेनोलेक्स फोर्ट’ में कैल्शियम डोबेसिलेट, डायोस्मिन और यूफोर्बिया प्रोस्ट्राटा जैसे ऐसे तत्व मिले, जिन्हें हेल्थ सप्लीमेंट में मिलाने की मंजूरी नहीं है. इतना ही नहीं, इसमें विटामिन सी की मात्रा भी तय मानक से ज्यादा पाई गई. इसी वजह से इस उत्पाद के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी गई. इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि बाजार में मिलने वाला हर पैकेज्ड पानी या हर हेल्थ सप्लीमेंट असुरक्षित है. लेकिन यह जरूर बताता है कि ऐसे उत्पाद खरीदते समय सिर्फ पैकेजिंग या विज्ञापन देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए. उत्पाद का लेबल, निर्माता की जानकारी, लाइसेंस और इस्तेमाल से जुड़े निर्देश ध्यान से पढ़ना जरूरी है. अगर किसी हेल्थ सप्लीमेंट को लेकर कोई संदेह हो या उसमें बड़े स्वास्थ्य संबंधी दावे किए गए हों, तो उसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा.

हेल्थ सप्लीमेंट असली है या नकली? ऐसे करें पहचान

FSSAI लाइसेंस नंबर चेक करें : पैकेट पर 14 अंकों का FSSAI लाइसेंस नंबर होना चाहिए. नंबर नहीं है या गलत लग रहा है तो सतर्क रहें.

लेबल ध्यान से पढ़ें : इंग्रीडिएंट्स, न्यूट्रिशन वैल्यू, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए.

बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों से बचें : “7 दिन में वजन कम”, “डायबिटीज पूरी तरह खत्म”, “100% गारंटी” जैसे दावे करने वाले सप्लीमेंट्स पर भरोसा न करें.

केवल भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें : अधिकृत मेडिकल स्टोर, कंपनी की वेबसाइट या विश्वसनीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही खरीदें.

सील और पैकेजिंग जांचें : टूटी सील, खराब पैकेजिंग या स्पेलिंग की गलतियां नकली उत्पाद का संकेत हो सकती हैं.

डॉक्टर की सलाह लें : खासकर अगर सप्लीमेंट गंभीर स्वास्थ्य लाभ का दावा करता हो या आप किसी बीमारी की दवा ले रहे हों.

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1. FSSAI ने Venolex Forte पर रोक क्यों लगाई?

जांच में उत्पाद में ऐसे इंग्रीडिएंट पाए गए जिन्हें हेल्थ सप्लीमेंट में इस्तेमाल की अनुमति नहीं है.

2. FSSAI लाइसेंस नंबर कैसे चेक करें?

उत्पाद की पैकेजिंग पर मौजूद 14 अंकों के लाइसेंस नंबर को FSSAI पोर्टल पर सत्यापित किया जा सकता है.

3. क्या सभी हेल्थ सप्लीमेंट असुरक्षित होते हैं?

नहीं, FSSAI की कार्रवाई कुछ विशेष उल्लंघनों पर आधारित है. सभी सप्लीमेंट असुरक्षित नहीं होते.

4. नकली हेल्थ सप्लीमेंट की पहचान कैसे करें?

लाइसेंस नंबर, सील, पैकेजिंग, बैच नंबर और निर्माता की जानकारी जरूर जांचें.

5. पैकेज्ड पानी खरीदते समय क्या देखें?

FSSAI लाइसेंस, सीलबंद पैक, एक्सपायरी और ब्रांड की विश्वसनीयता जरूर जांचें.

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026