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ब्रेकअप या बड़े सदमे के बाद सीने में दर्द? हार्ट अटैक नहीं, हो सकता है Broken Heart Syndrome

Broken Heart Syndrome: दिल टूटने या किसी बड़े भावनात्मक सदमे को हम अक्सर सिर्फ मानसिक और भावनात्मक दर्द से जोड़कर देखते हैं। लेकिन कुछ मामलों में अचानक हुआ गहरा तनाव दिल की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है। अगर ब्रेकअप, किसी करीबी की मौत, बड़े हादसे या किसी अन्य गंभीर सदमे के कुछ समय बाद सीने में दर्द शुरू हो जाए, तो इसे सिर्फ तनाव या घबराहट समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉक्टरों के मुताबिक, भावनात्मक तनाव के बाद होने वाला सीने का दर्द हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। वहीं, यह टाकोट्सुबो सिंड्रोम (Takotsubo Syndrome) यानी Broken Heart Syndrome भी हो सकता है। दोनों स्थितियों के लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इनके कारण अलग होते हैं।

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हार्ट अटैक और Broken Heart Syndrome में क्या अंतर?

हार्ट अटैक आमतौर पर तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों में रुकावट आ जाती है। इसके कारण दिल के एक हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और हार्ट मसल को नुकसान पहुंच सकता है।

वहीं, Broken Heart Syndrome में आमतौर पर बड़ी कोरोनरी धमनी में ब्लॉकेज नहीं होती। अचानक बढ़े भावनात्मक या शारीरिक तनाव के कारण स्ट्रेस हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे कुछ समय के लिए दिल की पंपिंग क्षमता प्रभावित हो सकती है।

दोनों स्थितियों में सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, पसीना आना, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि मामला हार्ट अटैक का है या Broken Heart Syndrome का।

कैसे पता चलता है Broken Heart Syndrome?

सीने में दर्द होने पर केवल ब्लड टेस्ट के आधार पर हार्ट अटैक और Broken Heart Syndrome के बीच अंतर करना हमेशा संभव नहीं होता। ट्रोपोनिन जैसे हार्ट डैमेज मार्कर दोनों स्थितियों में बढ़ सकते हैं।

डॉक्टर आमतौर पर ECG, ब्लड टेस्ट और हार्ट इमेजिंग जैसी जांचों की मदद से स्थिति का आकलन करते हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य कार्डियक जांच भी की जा सकती हैं। इसलिए अचानक सीने में दर्द होने पर घर पर इंतजार करने या इसे सिर्फ तनाव मानकर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ज्यादा मामले

Broken Heart Syndrome किसी भी उम्र और लिंग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में अपेक्षाकृत ज्यादा देखा जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पुरुष या युवा लोग इससे पूरी तरह सुरक्षित हैं। गंभीर भावनात्मक या शारीरिक तनाव किसी भी व्यक्ति के दिल की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।

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दिल टूटने को सिर्फ भावनात्मक दर्द न समझें

ब्रेकअप या किसी बड़े सदमे के बाद सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना, चक्कर या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे केवल एंग्जायटी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वजह हार्ट अटैक हो या Broken Heart Syndrome, दोनों ही स्थितियों में समय पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

सीने में अचानक या तेज दर्द होने पर अनुमान लगाने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद लेना सबसे जरूरी कदम है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026