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Technology

डिजिटल सेफ्टी पर DoT का बड़ा कदम: अब देश में ही स्टोर होगा कॉल और मैसेज डेटा, टेलीकॉम कंपनियों के लिए नियम सख्त

दूरसंचार विभाग (DoT) ने लोगों की डिजिटल सेफ्टी को मजूबत बनाने के लिए बड़ा फैसला ले लिया है। विभाग ने नई पॉलिसी जारी की है, जिसमें भारतीय यूजर्स के कॉल और मैसेज का डेटा स्टोरेज देश में स्टोर करना अनिवार्य कर दिया है। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स, मोबाइल टावर कंपनियों, सैटेलाइट गेटवे और क्लाउड नेटवर्क कंपनियों के लिए यह नया नियम जारी किया है।

पिछले दिनों आई रिपोर्ट के मुताबिक, दूरसंचार नियामक यानी TRAI भी कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के डेटा शेयरिंग को लेकर सख्ती दिखाते हुए रेगुलेशन में बदलाव की तैयारी में है। इस नियम में कहा गया है कि ट्रूकॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप्स पर यूजर द्वारा रिपोर्ट किए गए स्पैम कॉल्स का डेटा रेगुलेटर के साथ शेयर करना होगा।

क्या है नया आदेश?

DoT ने अपने आदेश में साफ किया है कि कॉल, मैसेज या नेटवर्क से जुड़ा कोई भी डेटा या लॉग देश के बाहर नहीं भेजा जाएगा और न ही शेयर किया जाएगा। दूरसंचार विभाग ने नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत इस आदेश को जारी किया है, जिसमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को ज्यादा सिक्योर बनाने पर जोर दिया गया है।

DoT ने इसे लेकर 20 जुलाई को एक आदेश जारी किया था, जिसमें विभाग ने कहा कि नई संस्थाओं को अपना पूरा नेटवर्क, डेटा और लॉग भारत में स्टोर करना होगा। इस डेटा की कॉपी भारत से बाहर नहीं भेजा जा सकता है। यही नहीं, DoT ने अपने आदेश में कहा है कि सरकार कभी भी जांच के लिए ऑडिट कर सकती है। अगर बात राष्ट्रीय सुरक्षा पर आई तो बिना किसी पूर्व नोटिस के कार्रवाई की जा सकती है।

यहां देखें DoT का आदेश

दूरसंचार विभाग के इस नए आदेश के बाद लोकल डेटा सेंटर की डिमांड बढ़ जाएगी। इसके लिए सरकार ने एक क्लाउड-होस्टेज टेलीकॉम नेटवर्क प्रोवाइडर्स की नई कैटेगरी शुरू की है, जिसमें सिर्फ 10 लाख रुपये की एंट्री फीस ली जाएगी। इसके लिए कोई भी सालाना फीस नहीं देना होगा। दूरसंचार विभाग के इस आदेश के बाद छोटी कंपनियों को भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा मिलेगा। साथ ही, डिजिटल कनेक्टिविटी पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत होगी।

DoT ने दिखाई सख्ती

दूरसंचार विभाग ने अपने आदेश में साफ किया है कि कोई भी टेलीकॉम ऑपरेटर नेटवर्क बिछाने में हो रही देरी का ठीकरा सरकारी अप्रूवल न मिलने पर नहीं फोड़ सकता है। अनुमति मिलने में हो रही देरी को नियमों के उल्लंघन के बहाने के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब टेलीकॉम और क्लाउड कंपनियों को बिना किसी देरी के भारतीयों का डेटा लोकल सर्वर पर स्टोर करना होगा।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026