छत्तीसगढ़ में LPG घोटाला: प्लांट से 90 टन गैस चोरी, कीमत 1.5 करोड़, मैनेजर गिरफ्तार

महासमुंद: सुरक्षित रख रखाव के लिए सुपुर्दनामे में दिए छ: एलपीजी कैप्सूल से 90+ मीट्रिक टन, लगभग 1.5 करोड़ का गबन का खुलासा आज महासमुंद पुलिस ने किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शनिवार शाम चार बजे एसपी प्रभात कुमार ने पत्रकार वार्ता लेकर बताया कि ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक, डायरेक्टर, प्लांट मैनेजर ने कूटरचना कर एक एक कर 31 मार्च से 6 अप्रैल के बीच सभी 6 कैप्सूल से औसतन 17 मीट्रिक टन, कुल 100 टन गैस अवैध रूप से खाली किया है।
उन्होंने बताया कि सरकारी मानकों के अनुसार कैप्सूल में लगे जीपीएस से मिली अपराध के पल-पल की सटीक जानकारी अनुसार 31 मार्च को दो कैप्सूल, 1 अप्रैल को एक कैप्सूल, 3 अप्रैल को एक कैप्सूल एवं 5 अप्रैल को दो कैप्सूल खाली किया गया। बताया कि प्लांट में कार्यररत कर्मचारियों ने खुलासा करते हुए स्वीकारा है कि मालिकों और मैनेजर के आदेश पर उन्होंने यह अपराध किया है। एसपी के अनुसार, जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों में अप्रैल माह में 47 टन गैस की खरीदी और 107 टन बिक्री दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इस अंतर की जांच की जा रही है।
एसपी ने यह भी बताया कि कुछ एजेंसियों द्वारा बिना पक्के बिल के गैस खरीदी किए जाने की बात सामने आई है। इन एजेंसियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, थाना सिंघोड़ा में पूर्व में दर्ज एक प्रकरण के तहत दिसंबर 2025 में 6 एलपीजी कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। बाद में सुरक्षा कारणों से इन्हें जिला प्रशासन के निर्देश पर ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सुपुर्द किया गया था। जांच में पाया गया कि सुपुर्दनामा के बाद इन कैप्सूल ट्रकों को प्लांट परिसर में ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान गैस निकाले जाने की घटना हुई।
एसपी के अनुसार, कैप्सूल सुपुर्द करते समय या उसके तुरंत बाद वजन नहीं कराया गया। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या इस प्रक्रिया में कोई चूक हुई। पुलिस ने बताया कि विशेषज्ञ से जांच कराई गई, जिसमें कैप्सूल में लीकेज की संभावना नहीं पाई गई। हालांकि यह निष्कर्ष जांच का हिस्सा है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच जारी है। एक आरोपी निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






