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सस्पेंडेड IPS रतनलाल डांगी पर कार्रवाई तेज, यौन उत्पीड़न मामले में जारी हुआ आरोप-पत्र, महिला IPS को मिली जिम्मेदारी

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों से जुड़े मामले में उनके खिलाफ विभागीय आरोप-पत्र जारी किया जा चुका है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पेश जवाब के दौरान यह जानकारी दी। वहीं, शिकायतकर्ता महिला की आपत्ति के बाद विभागीय जांच में प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की जिम्मेदारी IPS प्रशांत अग्रवाल की जगह महिला IPS पारुल माथुर को सौंप दी गई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

14 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन और DGP की ओर से मामले की स्थिति से संबंधित जवाब पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने शिकायतकर्ता की याचिका का निराकरण कर दिया। हालांकि, रतनलाल डांगी के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया अभी जारी है। आरोप-पत्र जारी होना अंतिम दोषसिद्धि नहीं है।

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सात साल तक शोषण करने का आरोप

रतनलाल डांगी के खिलाफ एक पुलिस उपनिरीक्षक (SI) की पत्नी ने यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता महिला का आरोप था कि उनका पिछले सात वर्षों से शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा था। महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच के निष्कर्षों के आधार पर विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। हाईकोर्ट में पेश जानकारी के मुताबिक, रतनलाल डांगी को 20 अप्रैल 2026 को विभागीय आरोप-पत्र जारी किया गया था।

निष्पक्ष जांच की मांग के बाद बदली गई अधिकारी

शिकायतकर्ता महिला ने प्रारंभिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि जांच के दौरान कुछ ऐसी परिस्थितियां सामने आईं, जिनसे मामले में निष्पक्षता को लेकर आशंका पैदा हुई। महिला ने किसी महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग भी की थी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने अदालत में पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य शासन के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से जवाब मांगा था। इसके बाद शासन ने विभागीय कार्रवाई और जांच से जुड़ी जानकारी अदालत के सामने रखी।

IPS पारुल माथुर को सौंपी गई जिम्मेदारी

विभागीय जांच के लिए पहले IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई थी। इस नियुक्ति पर शिकायतकर्ता महिला ने आपत्ति जताई और संवेदनशील मामले में महिला अधिकारी को जिम्मेदारी देने की मांग की।

शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद प्रस्तुतकर्ता अधिकारी में बदलाव किया गया। अब IPS पारुल माथुर इस भूमिका में विभाग की ओर से संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेज और साक्ष्य जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।

वहीं, ADG दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के जवाबों का परीक्षण करेंगे। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले पद से हटाए गए, फिर हुए निलंबित

गंभीर आरोप सामने आने के बाद राज्य शासन ने रतनलाल डांगी को पहले उनके पद से हटाया था। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से आदेश जारी किए गए थे।

दूसरी ओर, रतनलाल डांगी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया था। फिलहाल वह निलंबित हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी है।

हाईकोर्ट ने याचिका का किया निराकरण

14 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान DGP की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय आरोप-पत्र जारी किया जा चुका है। साथ ही, शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बदले जाने और IPS पारुल माथुर को जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी भी दी गई।

राज्य शासन और DGP के जवाब पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित रिट याचिका का निराकरण कर दिया। यह आदेश जांच प्रक्रिया से जुड़ा है। अदालत ने इस याचिका में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर अंतिम दोषसिद्धि का निर्णय नहीं दिया है।

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विभागीय जांच के नतीजों पर नजर

अब मामले में विभागीय जांच की आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच अधिकारी दस्तावेजों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के जवाबों का परीक्षण करेंगे। जांच पूरी होने के बाद निष्कर्षों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी नियमानुसार निर्णय लेगा।

फिलहाल आरोप-पत्र जारी होने और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बदले जाने के बाद विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ रही है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026