राज्य शासन द्वारा महज 5% महंगाई राहत दिए जाने के आदेश से पेंशनर क्षुब्ध .. नाराज पेंशनर 10 अगस्त को करेंगे मंत्रालय का घेराव

जगदलपुर inn24 छत्तीसगढ़ सरकार ने दो अगस्त को लंबे अंतराल के बाद पेंशनरों को महज 05% महंगाई राहत देने का आदेश जारी कर दिया है ।पेंशनरों को उम्मीद थी कि नियमित कर्मचारियों के साथ लंबित 09% महंगाई राहत का आदेश राज्य शासन द्वारा कर दिया जावेगा। किंतु भूपेश सरकार ने एक बार फिर बुजुर्ग पेंशनरों के साथ छल किया है।
राज्य शासन द्वारा किए गए इस अन्याय के विरुद्ध राज्य के समस्त पेंशनरों ने एक सुर में आंदोलन का बिगुल फूंका है । इस कड़ी में 10 अगस्त को पेंशनरों द्वारा मंत्रालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है ।
उक्त बातें भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवम पेंशनर फेडरेशन के संयोजक वीरेंद्र नामदेव तथा बस्तर संभाग अध्यक्ष राम नारायण ताटी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है ।
श्री ताटी ने कहा की राज्य शासन की दोहरी नीति से पेंशनरों में गहरी नाराजगी है ।जहां एक तरफ नियमित कर्मचारियों के लिए शासन ने लंबित 09% डी ए देने का आदेश जारी किया है वहीं पेंशनरों के लिए महज 05% महंगाई राहत वो भी एक जुलाई से दिए जाने का आदेश किया है ।
इस तरह राज्य सरकार से भेद भाव की उम्मीद कतई नहीं थी ।
धारा 49 (6 ) के तहत पेंशनरों को जनवरी 23 की स्थिति में महंगाई राहत दिए जाने हेतु मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने 30 जनवरी 23 को पत्र लिख कर छत्तीसगढ सरकार से सहमति मांगी थी जिसे आज तक ठंडे बस्ते में डालकर रखा गया ।
और अब चुनाव करीब आते ही महज 05% महंगाई राहत वो भी एक जुलाई से दिए जाने का आदेश जारी किया गया । जो को पेंशनरों के साथ घोर अन्याय है ।
अतः पेंशनर उक्त आदेश को पेंशनर विरोधी मानते हैं ।
शासन की इस दोहरी नीति के खिलाफ राज्य के समस्त पेंशनर लामबंद हो गए हैं ।
आज रायपुर के मेरिन ड्राइव स्थित कर्मचारी संघ कार्यालय में पेंशनर फेडरेशन की बैठक संपन्न हुई ।बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए 10 अगस्त को मंत्रालय घेरने का निर्णय लिया गया ।
विज्ञप्ति जारी करने वालों में वीरेंद्र नामदेव ,आर एन ताटी, डी रामन्ना राव,आई सुधाकर राव ,नागेश कापेवार,राजेंद्र पाण्डे ,अब्दुल सत्तार ,रमापति दुबे , एल एस नाग ,दिनेश सिंघल ,नीलम जग्गी ,सरोज पांडे ,मीता मुखर्जी ,जयमनी ठाकुर , वरलक्ष्मी पामभोई एवम राधा पामभोई शामिल हैं ।








































