कोरबा में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल, हर छठा सैंपल फेल; पतंजलि और हल्दीराम के उत्पाद भी अमानक

कोरबा : त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी तेज हो गई है। इसी बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में पिछले 10 महीनों के दौरान लिए गए 120 सैंपलों में से करीब 20 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। यानी जांच में हर छह में से एक सैंपल फेल मिला है। यह आंकड़ा करीब 17 प्रतिशत है।
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सबसे चिंताजनक बात यह है कि अमानक पाए गए खाद्य पदार्थों में स्थानीय प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि के शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत ने बताया कि अमानक और गलत लेबलिंग वाले खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। विभाग ने जांच में अमानक पाए गए उत्पादों के मामलों में प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश किए हैं। इनमें कई मामलों में कार्रवाई जारी है।
कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलने पर विभाग ने इस साल कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की है। स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपये, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपये, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपये, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपये और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के मामलों में सख्त दंड का प्रावधान है। यदि खाद्य पदार्थ से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने की आशंका हो तो मामले की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई की जाती है। स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने पर 1 लाख रुपये तक, गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपये तक जुर्माना और उपभोक्ता की मृत्यु होने की स्थिति में उम्रकैद के साथ 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।
चार प्रतिष्ठानों पर संयुक्त टीम की कार्रवाई
कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए हैं।
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त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट और गुणवत्ता में लापरवाही की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग की जांच और कार्रवाई के साथ उपभोक्ताओं को भी मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहने की जरूरत है।




