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Dhan Kharidi New Guidelines: धान खरीदी के नियमों में बड़ा बदलाव! किसानों के लिए जरूरी खबर, चूक गए तो हो सकता है नुकसान

Dhan Kharidi New Guidelines: छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सत्र को पारदर्शी और गड़बड़ी मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से तय किए गए नियमों के तहत अब किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचना होगा। निर्धारित मात्रा से कम धान लाने या टोकन की तारीख पर खरीदी केंद्र नहीं पहुंचने की स्थिति में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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टोकन में दर्ज मात्रा से कम धान लाने पर क्या होगा?

नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई किसान टोकन में निर्धारित मात्रा से कम धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचता है, तो शेष मात्रा का रकबा अगले टोकन में शामिल नहीं किया जाएगा। यह बची हुई मात्रा लैप्स यानी निरस्त हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसान को उस शेष रकबे के लिए दोबारा टोकन जारी कराने का अवसर नहीं मिलेगा। इसलिए किसानों को टोकन कटवाते समय निर्धारित मात्रा और तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा।

बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही होगी धान की खरीदी

धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। खरीदी केंद्रों पर किसानों की पहचान अंगूठे के निशान या आइरिस स्कैन के माध्यम से की जाएगी। पहचान की पुष्टि होने के बाद ही धान खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इसके अलावा, खरीदी से संबंधित सभी जानकारियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज की जाएंगी। इससे रिकॉर्ड में हेरफेर और पिछली तारीख में प्रविष्टियां करने जैसी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

जमीन के रकबे के आधार पर मिलेंगे टोकन

नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी भूमि के रकबे के अनुसार टोकन जारी किए जाएंगे। इसके लिए टोकन की संख्या और धान की मात्रा का विभाजन निर्धारित किया गया है।

  • 2 एकड़ तक की जमीन: अधिकतम 1 टोकन।
  • 10 एकड़ तक की जमीन: अधिकतम 2 टोकन।
  • 10 एकड़ से अधिक जमीन: अधिकतम 3 टोकन।

दो टोकन जारी होने की स्थिति में धान की निर्धारित मात्रा को 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाएगा। वहीं, तीन टोकन की स्थिति में मात्रा का विभाजन 33-33-34 प्रतिशत के अनुपात में किया जाएगा।

टोकन की तारीख चूके तो हो सकता है नुकसान

यदि किसान टोकन जारी होने के बाद निर्धारित तारीख पर धान लेकर खरीदी केंद्र नहीं पहुंचता है, तो संबंधित टोकन अगले दिन स्वतः डिलीट हो जाएगा। ऐसी स्थिति में टोकन दोबारा जारी कराने का अवसर केवल एक बार मिलेगा। दूसरी बार भी टोकन डिलीट होने पर संबंधित मात्रा का रकबा लैप्स हो सकता है।

इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे टोकन में दर्ज तारीख और धान की मात्रा की पहले से जानकारी रखें, ताकि खरीदी के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

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70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप से होंगे जारी

टोकन वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए कुल टोकन में से 70 प्रतिशत मोबाइल ऐप के माध्यम से और शेष 30 प्रतिशत समितियों के जरिए जारी किए जाएंगे। इससे टोकन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों को सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।

एग्रीस्टैक से जुड़ेगी धान खरीदी व्यवस्था

धान की रिसाइक्लिंग और फर्जी पंजीयन जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए खरीदी प्रक्रिया को एग्रीस्टैक (AgriStack) आधारित व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इसके जरिए पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। राजधानी रायपुर से खरीदी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी, ताकि अनियमितताओं की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सके।

किसानों के लिए जरूरी बात: धान बेचने जाने से पहले अपने टोकन में दर्ज मात्रा, खरीदी की तारीख और पहचान सत्यापन से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें। नियमों का पालन नहीं करने पर निर्धारित मात्रा का रकबा लैप्स होने से नुकसान हो सकता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026