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FSSAI Guidelines: दशहरा-दिवाली से पहले FSSAI का बड़ा एक्शन, खुले में खोया-पनीर बेचने पर जेल और भारी जुर्माने की चेतावनी!

FSSAI Guidelines: दशहरा, करवा चौथ और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की सख्ती चर्चा में है। खोया, पनीर, कच्चे मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण, पैकेजिंग और परिवहन में निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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क्यों जरूरी हैं खाद्य सुरक्षा के नियम?

FSSAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, खोया, पनीर, कच्चा मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को उचित तापमान और स्वच्छ परिस्थितियों में रखना जरूरी है। निर्धारित तापमान का पालन नहीं होने पर इनमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए खाद्य पदार्थों की खरीद, भंडारण, परिवहन और बिक्री के दौरान स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। साथ ही, इन्हें धूल, नमी, कीड़ों और अन्य खाद्य पदार्थों से होने वाले संभावित संक्रमण से भी बचाना होगा।

परिवहन और पैकेजिंग के लिए जरूरी नियम

खाद्य पदार्थों की सुरक्षित ढुलाई के लिए स्वच्छ और उपयुक्त वाहनों का इस्तेमाल करना जरूरी है। खोया-पनीर जैसे उत्पादों को धूल और गंदगी से बचाने के लिए उचित तरीके से ढककर ले जाना चाहिए। जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए उनकी प्रकृति के अनुसार आवश्यक तापमान बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

पैकेजिंग में खाद्य पदार्थों के संपर्क के लिए सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ऐसी सामग्री से बचना जरूरी है, जिससे खाद्य पदार्थ दूषित हो सकते हैं।

इसके अलावा, खाद्य कारोबारियों को खरीद-बिक्री के बिल, सप्लाई चेन और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उत्पादों के स्रोत और परिवहन की जानकारी की जांच की जा सके।

नियम तोड़ने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य सुरक्षा संबंधी उल्लंघनों पर अपराध की प्रकृति और गंभीरता के अनुसार दंड का प्रावधान है। असुरक्षित या दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री और अन्य उल्लंघनों पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, हर मामले में छह महीने की जेल और लाखों रुपये के जुर्माने का एक समान प्रावधान लागू नहीं होता। सजा और जुर्माना उल्लंघन की श्रेणी तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। इसलिए कारोबारियों को लागू नियमों की जानकारी लेकर उनका पालन करना चाहिए।

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त्योहारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर

त्योहारों के दौरान मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच और निगरानी मिलावट तथा अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थों के भंडारण और परिवहन पर नियंत्रण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले उत्पादों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उपभोक्ताओं को भी खोया, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और विश्वसनीय स्रोत पर ध्यान देना चाहिए।

नोट: किसी विशेष FSSAI एडवाइजरी में जारी निर्देशों, जांच अभियान और दंड के दावों की पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026