*मैत्रेय फाउंडेशन नागपुर ने प्रगतिशील छ.ग. सतनामी समाज के पदाधिकारियों का किया सम्मान*

जिला रिपोर्टर सक्ती- उदय मधुकर
*समाज में आपसी सौहार्द्र, प्रेम व भाईचारा स्थापित कर बेहतर समाज निर्माण के लिए महापुरुषों के विचारधारा को अपनाना आवश्यक – प्रगतिशील छ.ग. सतनामी समाज*
सक्ती ::पवित्र दीक्षाभूमि देखने नागपुर पहुंचे प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती जिले के पदाधिकारियों सहित समाज प्रमुखों का नागपुर के स्वयं सेवी संस्था मैत्रेय फाउंडेशन नागपुर ने सभी दर्शनार्थियों को बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े साहित्य भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती के पदाधिकारियों ने भी मैत्रेय फाउंडेशन को छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया। इस मौके पर सतनामी समाज प्रमुखों ने उन्हें बाबा गुरू घासीदास और उनके मनखे-मनखे एक बरोबर पर आधारित सतनाम संदेश के बारे में बताया। विदित हो कि नागपुर की स्वयं सेवी संस्था मैत्रेय फाउंडेशन ने दीक्षाभूमि देखने पहुंचे छत्तीसगढ़ से सतनामी समाज के लोगों का वहां न केवल आत्मीय अभिनंदन किया बल्कि उनके रहने- खाने तथा उन्हें दीक्षाभूमि, ड्रेगन पैलेस, खैरी बुद्ध विहार, इन्दोरा बुद्ध विहार, नागलोक सहित अन्य स्थलों का भ्रमण भी कराया और जानकारी दी। इधर मैत्रेय फाउंडेशन के इस सेवा भावी कार्य के लिए श्रीमती कुसुमलता अजगल्ले, श्रीमती पुष्पा- परदेशी खुटे, शुकवारा भारद्वाज, लक्ष्मीन जाटवर, खेमराज खटर्जी, उदय मधुकर, चेतन बंजारे, रहस दिव्य, भवसागर बंजारे, मनहरण भारद्वाज, पूरन भारद्वाज सहित प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने उनका आभार प्रकट किया। इधर दीक्षा भूमि सहित उनसे जुड़े अन्य स्थलों को देखने के बाद भावविभोर हुए कहा कि भगवान बुद्ध और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं वहीं बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों को समाज के लिए प्रेरणा बताया। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती जिले का यह दल 18अक्टूबर को अपनी यात्रा पूरी कर सकुशल घर लौट आया ।





