आदर्श नगर कुसमुंडा के मां कुष्मांडा दाई मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 300 ज्योति कलशों से जगमगाया दरबार
अभिषेक आदिले...

आदर्श नगर कुसमुंडा के मां कुष्मांडा दाई मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 300 ज्योति कलशों से जगमगाया दरबार..

कुसमुंडा (कोरबा)। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आदर्श नगर कुसमुंडा स्थित मां कुष्मांडा दाई मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। क्षेत्र के इस सबसे प्राचीन और आस्था के प्रमुख केंद्र में इस वर्ष लगभग 300 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं, जिनकी अलौकिक आभा से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा है। सुबह से लेकर देर रात तक माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।
इतिहास के झरोखे से: खंडहर से भव्यता का सफर
यह मंदिर कितना पुराना है, इसका सटीक आकलन कर पाना तो मुश्किल है, लेकिन इसकी प्राचीनता को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी मान्यता है। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि एक समय ऐसा था जब यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुकी थी। इसके बाद मंदिर समिति के प्रयासों, स्थानीय नागरिकों के आपसी तालमेल और जनसहयोग से इस स्थान का जीर्णोद्धार किया गया। आज सबके सामूहिक सहयोग से यहां एक भव्य और सुंदर मंदिर स्वरूप खड़ा है, जो डिपर रोड से लगा हुआ है।
कुसमुंडा की धड़कन हैं मां कुष्मांडा दाई: पूर्व पार्षद
क्षेत्र के पूर्व पार्षद शाहिद कुजूर ने मंदिर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुसमुंडा और आसपास के क्षेत्रों में नवरात्रि के दौरान जितने भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, वे सभी मां कुष्मांडा दाई के नाम और आशीर्वाद से ही शुरू होते हैं। मां कुष्मांडा दाई को इस क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है।
मुख्य आकर्षण: इंदिरा स्टेडियम का ओपन गरबा और रोजाना भंडारा
नवरात्रि के उत्सव को और भी खास बनाने के लिए इंदिरा स्टेडियम में मुख्य ओपन गरबा का विशाल आयोजन किया जा रहा है। इस गरबा महोत्सव में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पहुंच रही हैं और माता की भक्ति में लीन होकर गरबा नृत्य कर रही हैं।
इसके साथ ही, मंदिर परिसर में श्रद्धा का माहौल बनाए रखने के लिए समिति द्वारा रोजाना भव्य भोग-प्रसाद का वितरण किया जा रहा है, जहां सैकड़ों श्रद्धालु हर दिन महाप्रसाद ग्रहण कर मां का आशीर्वाद ले रहे हैं।





