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हार्ट अटैक के लक्षण दिखते ही संभल जाएं! ये 10 मिनट बचा सकते हैं किसी की जान

हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी होता है। अचानक सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, जी मिचलाना या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक पहुंचना इसके संभावित संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर घबराने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है।

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शुरुआती मिनट क्यों हैं अहम?

हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट हो सकती है। जितनी जल्दी उपचार शुरू होता है, उतना ही हृदय को होने वाले नुकसान को कम करने का मौका मिलता है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करके उनके अपने-आप ठीक होने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

सबसे पहले एंबुलेंस को कॉल करें

हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर सबसे पहला कदम इमरजेंसी मेडिकल सेवा को कॉल करना होना चाहिए। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने के बजाय एंबुलेंस की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है, क्योंकि रास्ते में भी मेडिकल सहायता मिल सकती है।

एस्पिरिन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

हार्ट अटैक के संदिग्ध मामलों में एस्पिरिन कुछ मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसे हर व्यक्ति को बिना सोचे-समझे लेना सुरक्षित नहीं है। अगर एस्पिरिन से एलर्जी है, पेट या शरीर में सक्रिय ब्लीडिंग है या डॉक्टर ने इसे लेने से मना किया है, तो इसे नहीं लेना चाहिए।

इसलिए इमरजेंसी सेवा या डॉक्टर से बात करके ही एस्पिरिन लेने का निर्णय करें। केवल ‘ब्लड थिनर’ समझकर कोई दूसरी दवा खुद से न लें।

आराम से बैठें और अनावश्यक गतिविधि से बचें

मदद आने तक व्यक्ति को आरामदायक स्थिति में बैठाएं और उसे चलने-फिरने या सीढ़ियां चढ़ने जैसी मेहनत न करने दें। तंग कपड़े ढीले किए जा सकते हैं ताकि उसे सांस लेने में परेशानी न हो।

अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत इमरजेंसी सेवा को सूचित करें और उनके निर्देश के अनुसार CPR शुरू करें।

महिलाओं में अलग हो सकते हैं लक्षण

हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। महिलाओं में सीने के दर्द के अलावा सांस लेने में परेशानी, असामान्य थकान, जी मिचलाना, पीठ या जबड़े में दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इन्हें केवल तनाव या गैस समझकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

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इन गलतियों से बचें

  • लक्षणों को गैस या हार्टबर्न समझकर इंतजार न करें।
  • खुद वाहन चलाकर अस्पताल जाने से बचें।
  • बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें।
  • मरीज को चलने-फिरने या शारीरिक मेहनत करने के लिए मजबूर न करें।
  • व्यक्ति के बेहोश होने और सामान्य सांस न लेने की स्थिति में तुरंत CPR और इमरजेंसी सहायता की प्रक्रिया शुरू करें।

याद रखें: हार्ट अटैक के संभावित लक्षण दिखने पर सबसे जरूरी कदम है तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेना। समय पर उपचार जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026