एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा 20 भुविस्थापितों को स्थायी रोजगार नियुक्ति आदेश किए गए वितरित
सतपाल सिंह
एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा 20 भुविस्थापितों को स्थायी रोजगार नियुक्ति आदेश किए गए वितरित

कोरबा: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और विस्थापन नीति के मोर्चे पर कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। देश की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शुमार SECL के कुसमुंडा क्षेत्र ने पुनर्वास और कल्याण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 20 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (PAPs) को आधिकारिक तौर पर रोजगार नियुक्ति आदेश सौंपे हैं।
इस राष्ट्र-निर्माण और सामाजिक समावेशन की खबर के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
रोजगार और पुनर्वास: एक नजर में –
अधिकारों का सम्मान: बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के कारण विस्थापित हुए परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है। इसके तहत ग्राम रिस्दी के 19 और ग्राम पाली के 1 प्रभावित नागरिक को स्थायी रोजगार का अवसर दिया गया है।
समयबद्ध पारदर्शिता: –
SECL प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे नियमों के तहत पात्रता रखने वाले सभी प्रभावित परिवारों को उनके हक और लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सस्टेनेबल माइनिंग मॉडल –
यह कदम दर्शाता है कि देश में कोयला उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।
“यह सिर्फ नौकरी के आदेश नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की जवाबदेही का प्रमाण है जिन्होंने देश के विकास के लिए अपनी भूमि दी है।” यह कदम अन्य औद्योगिक और खनन परियोजनाओं के लिए एक आदर्श ढांचा (Benchmark) पेश करता है, जहां विकास और विस्थापितों का कल्याण साथ-साथ चल सकता है।





