कोरबा: नियमों को रौंदते हुए ग्रामीण मार्ग पर दौड़ रहे भारी वाहन, हादसे के साए में राहगीर; चेकिंग से बचने के लिए शॉर्टकट खेल रहे चालक
सतपाल सिंह

कोरबा: नियमों को रौंदते हुए ग्रामीण मार्ग पर दौड़ रहे भारी वाहन, हादसे के साए में राहगीर; चेकिंग से बचने के लिए शॉर्टकट खेल रहे चालक..

कोरबा। जिले के उपनगरीय क्षेत्र रविशंकर नगर से दादर खुर्द होते हुए सीधे गोढ़ी को जोड़ने वाला प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) का मार्ग इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रहा है। हल्के वाहनों और ग्रामीणों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाई गई यह ग्रामीण सड़क अब भारी वाहनों (Heavy Vehicles) की अवैध धमाचौकड़ी का मुख्य अड्डा बन चुकी है। इस मार्ग पर बेधड़क दौड़ रहे भारी वाहनों के कारण न सिर्फ ग्रामीण और राहगीर बेहद परेशान हैं, बल्कि हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
चेकिंग से बचने का ‘सुरक्षित शॉर्टकट’ बना यह मार्ग –
जब इस संबंध में ग्राउंड जीरो पर जाकर कुछ भारी वाहन चालकों से बात की गई, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। चालकों ने ऑन-कैमरा और ऑफ-कैमरा स्वीकार किया कि वे इस पतली सड़क का इस्तेमाल रिश्दी रिंग रोड पर होने वाली प्रशासनिक चेकिंग और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए करते हैं। जब भी मुख्य मार्ग (रिंग रोड) पर जांच तेज होती है, भारी वाहनों का पूरा काफिला इस ग्रामीण मार्ग की ओर मोड़ दिया जाता है। वहीं कुछ चालकों का कहना था, “मालिक का आदेश है कि इसी रास्ते से गाड़ी निकालो, इसलिए हम यहां से जा रहे हैं।”
उखड़ रही सड़कों की गिट्टियां, लग रहा जाम –
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित यह सड़क भारी लोड (Overloading) सहने के लिए नहीं डिजाइन की गई है। नतीजा यह है कि भारी ट्रकों और हाइवा के लगातार गुजरने से डामर की परतें उखड़ चुकी हैं और सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। सड़क संकरी होने के कारण जब दो बड़े वाहन आमने-सामने आते हैं, तो घंटों तक चक्काजाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। ऐसे में दुपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ स्कूल बसें और एम्बुलेंस भी इस जाम में फंसने को मजबूर हैं।
आक्रोश में ग्रामीण, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा –
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने कई बार इन वाहन चालकों और उनके मालिकों का विरोध किया है, लेकिन ऊंची पहुंच और रसूख के दम पर यह अवैध परिवहन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग काफी संकरा है और अंधा मोड़ होने के कारण यहां किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल –
हल्के वाहनों के लिए आरक्षित ग्रामीण सड़कों पर इस तरह भारी कमर्शियल वाहनों का चलना साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग (RTO) और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंद रखी हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मार्ग पर नो-एंट्री का बोर्ड लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।






