CG सरकारी आवास में युवक-युवतियों की संदिग्ध गतिविधियों से हंगामा, दो युवकों को रातभर कमरे में रखा बंद

जशपुर: जशपुर जिले के बगीचा में शासकीय योजना के तहत बने आवास को लेकर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मोहल्लेवासियों ने वहां युवक-युवतियों की कथित संदिग्ध गतिविधियों पर आपत्ति जताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मकान में अक्सर कई युवकों का आना-जाना लगा रहता था। मामला सामने आने के बाद मोहल्लेवासियों ने दो युवकों को युवतियों के साथ मकान से पकड़ा। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों को पकड़कर रातभर कमरे में बंद रखा। इसके बाद सुबह वार्ड पार्षद की मौजूदगी में मामले को लेकर दोनों युवकों से पूछताछ और समझाइश की गई।
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मकान में युवकों के आने-जाने से नाराज थे मोहल्लेवासी
मोहल्लेवासियों का कहना है कि शासकीय योजना के तहत बने आवास में कुछ युवकों का लगातार आना-जाना हो रहा था। इसे लेकर स्थानीय लोगों में पहले से नाराजगी थी। इसी बीच युवतियों के साथ दो युवकों के मिलने के बाद लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। हालांकि, युवक-युवतियों के बीच वास्तव में क्या गतिविधियां चल रही थीं, इसे लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी स्थानीय लोगों के आरोपों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के दावों पर आधारित है।
रातभर कमरे में रखा बंद
मोहल्लेवासियों ने पकड़े गए दोनों युवकों को रातभर एक कमरे में बंद रखा। सुबह मामले की जानकारी वार्ड पार्षद को दी गई। इसके बाद पार्षद की मौजूदगी में दोनों युवकों को समझाइश दी गई। इस दौरान दोनों युवकों से कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई गई। बताया जा रहा है कि युवकों को मुर्गा बनाकर उनसे आगे ऐसी स्थिति में कॉलोनी में नहीं आने की बात कहलवाई गई।
युवकों ने मांगी माफी, वीडियो वायरल
माफी मांगते समय युवकों ने कथित तौर पर कहा कि वे आगे से कॉलोनी में नहीं आएंगे। इसके बाद वार्ड पार्षद और मोहल्लेवासियों की मौजूदगी में उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया गया। पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवकों को कथित तौर पर माफी मांगते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से किसी एफआईआर या आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। युवक-युवतियों की गतिविधियों को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और घटना की पूरी परिस्थितियां आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।























































