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Chhattisgarhछत्तीसगढ

नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की राह पर : CM साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चारों तरफ भारत माता की जय और वंदे मातरम की गूंज सुनाई दे रही हैं। पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर में मुख्यमंत्री साय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। फिर मार्च पास्ट कर जवानों का हौसला बढ़ाया। प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ एतिहासिक सफलता मिली है। माओवादमुक्त बस्तर आज तिरंगा यात्राओं के जरिये स्वतंत्रता का उत्सव मना रहा है। जिस क्षेत्र नक्सलियों के हिंसा और भय से लोग कांपते थे। आज वहां पर  शांति, विश्वास और विकास की बयार बह रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।
किसान की समृद्धि  पर फोकस
सीएम साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। पीएम मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की   स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण से मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार से नवाचार तक खुल रहे नए द्वार
स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है तथा परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।

एआई मिशन से भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार होगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर
सीएम ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।

निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।

ऊर्जा, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति
भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति देंगे। ‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा ‘भारतनेट 3.0’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।

सुशासन में तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और नागरिक सुविधा
राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों की स्थापना, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित कर ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन जिलों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना लागू नहीं है, वहां ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री  ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ से प्रदेश में रोजगार एवं विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

पर्यटन और लोक-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पहचान दी है। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रारंभ करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संदेश के समापन में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र – “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से हम विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026