*विश्व आदिवासी दिवस पर सक्ती में सजा जनजातीय संस्कृति का भव्य मंंच, आदिवासी प्रतिभाओं का हुआ सम्मान*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती:: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को सक्ती में जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सक्ती नगर स्थित पं दीन दयाल उपाध्याय स्टेडियम बाजार ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में जनजातीय परंपराओं की जीवंत झलक दिखाई दी। इस गरिमामय मंच से जहां जिले भर से पहुंचे मूलनिवासी छात्र -छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित गीत संगीत व नृत्य की सुमधुर प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को झूमने पर विवश किया वहीं कार्यक्रम के आयोजक सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने इसी मंच पर सामाजिक प्रतिभाओं का सम्मान कर समाज के होनहार सपूतों को प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर सम्मानित होने वालों में पीएससी में चयनित हुए आदिवासी समाज के बेटे व बेटियों तथा दसवीं व बारहवीं बोर्ड में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र -छात्राओं तथा समाजिक कार्यकर्ताओं के नाम शामिल रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर अमृत विकास तोपनों व पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर संयुक्त रूप से बनाए गए थे। इस मौके पर कलेक्टर अमृत विकास तोपनों ने कहा कि देश में अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट होकर अंग्रेजी सत्ता को उखाड़ फेंकने की लड़ाई सबसे पहले बिरसा मुंडा जी के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने ही लड़ी थी। जिसे असमाजिक तत्वों ने भीतरघात करके असफल करा दिया था। आदिवासी समाज को आज भी दबाये जाने की कोशिशें होती है। एकजुट नहीं होने दिया जाता है। कलेक्टर तोपनों ने कहा कि आज भी लोग नहीं चाहते कि आदिवासी समाज एकजुट हो और आगे बढ़े। इसलिए समाज में लोगों के बीच अराजकता फैलाने की चाह में द्वेष फैलाकर समाज को लड़ाते भिड़ाते रहते हैं। हमें ऐसे लोगों से हमें बचने की आवश्यकता है। इस मौके पर कलेक्टर ने आदिवासी विकास कल्याण संघ की स्थापना की घोषणा और स्वयं उसमें 10000 रू. (दस हजार रुपए) देने की बात कही। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने अपने उद्बोधन में आदिवासी समाज के लोगों से शिक्षा से जुड़ने तथा नशा का त्याग करने की बात कही। पुलिस अधीक्षक श्री ठाकुर ने छात्र-छात्राओं से अपने लिए लक्ष्य तैयार कर उस लक्ष्य को प्राप्त करने मेहनत करने की बात कही। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर का उदाहरण देते हुए उनकी तरह शिक्षा का दामन पकड़ कर आगे बढ़ने की बात भी कही। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज सक्ती जिला उपाध्यक्ष व आदिवासी नेत्री श्रीमती विद्या सिदार ने आयोजन के उद्देश्य बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए जनजातीय समाज के लोग इकट्ठा होकर नशामुक्ति सहित सभी सामाजिक बुराईयों को त्यागने तथा आदिवासी महापुरुषों के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर उनके विचारधारा को आगे बढ़ाने तथा प्रकृति से जुड़े रहते हुए उसकी रक्षा करते रहने संकल्पित होते हैं।
*सक्ती नगर में निकली आदिवासियों की महारैली*
इधर मंचीय कार्यक्रम से पहले विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर 9 अगस्त 2026 को एक तीर -एक कमान सर्व आदिवासी एक समान की आवाज बुलंद करते हुए आदिवासियों ने सक्ती नगर में विशाल रैली का आयोजन किया। आदिवासी परंपरा व संस्कृति व वेश-भूषा से सुसज्जित होकर आदिशक्ति समाज के लोग इस महारैली में भारी संख्या में सर्व आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए और अपनी परंपरा, संस्कृति व मान्यताओं को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया। रैली नगर के सभी प्रमुख मार्गों से गुजरी और आदिवासी संस्कृति के प्रति जनसाधारण को जागरूक करते हुए वापस बाजार ग्राउंड कार्यक्रम स्थल पहुंची जहां रैली सभा में तब्दील हो गई।
*वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का हुआ अनावरण*
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सक्ती नगर में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण किया गया। जो कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर जनजातीय समाज के लोगों सहित शहरवासियों में चर्चा का विषय बना रहा। इस संबंध में आदिवासी नेत्री व सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ राज्य के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती विद्या सिदार ने कहा कि महापुरुषों के जीवन संघर्ष हमें प्रेरणा देते हैं। आगे हम भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य महापुरुषों की भी प्रतिमा स्थापित करेंगे।






