*राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर प्राचार्य पी. श्रीनिवास राव ने बुनकर दम्पति का साल व श्रीफल भेंट कर किया सम्मान*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती:: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर 7 अगस्त 2026 दिन , शुक्रवार को सक्ती निवासी पी. श्रीनिवास राव जो कि शासकीय हाई स्कूल नावापारा खुर्द में पदस्थ हैं ग्राम नंदौरखुर्द पहुंचे। जहां पर उन्होंने नंदौरखुर्द निवासी बुनकर दम्पत्ति नागेश्वर प्रसाद देवांगन और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता देवांगन का साल व श्रीफल भेंटकर कर कौशेय- ब्रांड की तरफ से सम्मान किया। इस अवसर पर पी. श्रीनिवास राव बुनकरों से मिले और उन्हें कौशेय के बारे में जानकारी दी तथा उनके द्वारा हथकरघा से कपड़ा बुनाई की कार्यप्रणाली को जाना व समझा। बुनकर दम्पति नागेश्वर देवांगन व उनकी पत्नी श्रीमती सुनीता देवांगन ने बताया कि उनका परिवार हथकरघा से साड़ी बुनाई का कार्य करते हैं और अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। बुनकर नागेश्वर ने बताया कि उनके पिताजी व दादाजी भी यही कार्य करते रहे हैं और उन्होंने ने भी उन्हीं से यह हुनर सीखी है। महिला बुनकर श्रीमती सुनीता देवांगन ने बताया कि उनके मायके मोहंदी में परिवार के लोग भी यही कार्य करते हैं। यही वजह है कि उन्होंने बचपन से ही माता- पिता के कार्यों में हाथ बंटाते -बंटाते यह हुनर सीख ली थी और अब शादी के बाद ससुराल में इस कार्य में पति का हाथ बंटा पा रही हैं। इधर बुनकर दम्पति का सम्मान करने के पश्चात प्राचार्य पी.श्रीनिवास राय ने बताया कि उनकी बेटी श्वेता राव जो कि शादी के बाद हैदराबाद में रहती
हैं। जिनका कोसा उत्पाद से जुड़ा ब्रांड कौशेय है जो कि बुनकरों को प्रोत्साहित करती है।
गौरतलब हो कि हर साल 7अगस्त के दिन को देश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के हथकरघा बुनकरों के कौशल को सम्मान देने और हमारे सामाजिक व आर्थिक विकास में हथकरघा उद्योग को रेखांकित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों और हथकरघा वस्त्रों को बढ़ावा देने के साथ बुनकरों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। यह दिवस बुनकरों के विरासत उत्सव मनाने का दिन है। इसकी शुरुआत 7अगस्त 2015 को हुई थी।






