कोर्ट में कथित रूप से चोरी के दस्तावेज पेश करने का आरोप: RTO की भूमिका पर भी उठे सवाल, जांच और FIR की मांग

बिलासपुर में वाहन क्रमांक CG 04 E 1903 से जुड़े कथित वाहन टैक्स गबन मामले में नया विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता राजेन्द्र कुमार सोनी ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), बिलासपुर को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि मामले के आरोपी हीरा लाल ध्रुव द्वारा सेशन कोर्ट में ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिन्हें RTO कार्यालय से नियमानुसार आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा किए बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, RTO के पत्र क्रमांक 265/2026 दिनांक 18 मार्च 2026 में यह जानकारी दी गई है कि संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए न तो कोई आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत किया गया और न ही निर्धारित शुल्क जमा किया गया। इसके बावजूद वही दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
आवेदन में शिकायतकर्ता ने आशंका व्यक्त की है कि यदि दस्तावेज वैधानिक प्रक्रिया के तहत जारी नहीं किए गए, तो उनकी प्राप्ति का माध्यम संदिग्ध है। उन्होंने मांग की है कि RTO इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करे कि दस्तावेज कार्यालय से किस प्रकार बाहर पहुंचे। यदि जांच में दस्तावेजों की चोरी या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तो वह उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वयं पुलिस थाने में FIR दर्ज कराने की पहल करेंगे। आवेदन की प्रति परिवहन आयुक्त, रायपुर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि मूल मामला वाहन कर (टैक्स) गबन से संबंधित है, जिसमें आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता/पूर्व भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत प्रकरण दर्ज है। उनका आरोप है कि इसी मामले में राहत प्राप्त करने के उद्देश्य से अपील के दौरान कथित रूप से संदिग्ध दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
इसी आवेदन में शिकायतकर्ता ने वर्तमान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि वर्तमान RTO पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे हैं तथा जांच कर रहे अन्य अधिकारियों को भ्रामक जानकारी देकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे आरोपी हीरा लाल ध्रुव के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों को भी बचाने की कोशिश की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया है कि पूर्व में तत्कालीन RTO असीम माथुर के कार्यकाल में भी कथित वाहन टैक्स गबन के मामले को छिपाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।






