ChatGPT Image May 16, 2026, 07_16_26 PM
Chhattisgarhछत्तीसगढ

सावधान! छत्तीसगढ़ में E-Challan के नाम पर साइबर ठगी का जाल, सरकारी नोटिस समझकर न करें ये बड़ी गलती

E-Challan Scam: अगर आपके मोबाइल पर ई-चालान (E-Challan) भरने का मैसेज आया है, तो बिना जांचे उस पर क्लिक करने की गलती न करें। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में फर्जी ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी सरकारी नोटिस जैसे दिखने वाले मैसेज भेजकर लोगों से बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय विवरण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही ई-चालान की पुष्टि करने और किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज से दूर रहने की अपील की है।

CG News: वन विभाग में ई-ऑफिस सिस्टम हुआ अनिवार्य, बिना अनुमति नहीं चलेगी फिजिकल फाइल- मंत्री केदार कश्यप

SMS और WhatsApp के जरिए भेज रहे फर्जी लिंक

परिवहन विभाग के अनुसार, साइबर ठग एसएमएस, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-चालान भुगतान के फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। ये संदेश देखने में बिल्कुल असली सरकारी नोटिस जैसे लगते हैं, जिससे लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही यूजर एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जो सरकारी पोर्टल की हूबहू कॉपी होती है। यहां वाहन नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, एटीएम कार्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी मांगी जाती है।

एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता

विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही कोई व्यक्ति अपनी बैंकिंग जानकारी या ओटीपी दर्ज करता है, साइबर ठग उसके बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में फर्जी लिंक के साथ एपीके (APK) फाइल या मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है। ऐसे ऐप मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल कर देते हैं, जिससे यूपीआई, बैंकिंग ऐप और निजी डेटा भी खतरे में पड़ सकता है।

डराकर बना रहे मानसिक दबाव

ठग लोगों को जल्दी भुगतान करने के लिए कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना या वाहन जब्त करने जैसी धमकियां भी देते हैं। इस मानसिक दबाव में आकर कई लोग बिना जांच किए लिंक पर क्लिक कर देते हैं और साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं।

कोयला घोटाले में बड़ा एक्शन: फरार रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव हिरासत में, EOW की कड़ी पूछताछ जारी

ऐसे रहें सुरक्षित

परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि ई-चालान की जानकारी और भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही करें। किसी भी अज्ञात नंबर से आए लिंक या संदिग्ध मैसेज पर क्लिक न करें और ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाता या कार्ड संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें।यदि कोई संदिग्ध ई-चालान संदेश प्राप्त होता है, तो इसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता साइबर ठगी से बचाने के साथ आपकी मेहनत की कमाई को भी सुरक्षित रख सकती है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026