जांजगीर चांपा : हाई स्कूल मड़वा में चोरी करने वाले दो नाबालिक सहित 03 आरोपी चढ़े कोतवाली पुलिस के हत्थे
स्कूल का ताला तोड़कर कार्यालय में रखें इलेक्ट्रॉनिक सामान की किये थे चोरी

मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी जो शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राम मडवा में शिक्षक है ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया की दिनांक 15-5-2026 के शाम 4:00 बजे सभी स्टाफ स्कूल को बंद करके घर चले गए थे कि दिनांक 18- 5-2026 के सुबह स्कूल के प्रिंसिपल ने फोन करके बताया कि स्कूल का ताला टूटा हुआ है तथा स्कूल में चोरी हो गया है तब प्रार्थी के साथ स्कूल के सभी स्टाफ जाकर देखें तो स्कूल के कार्यालय के अंदर सामान बिखरा दिख रहा था प्राचार्य कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष तथा स्टाफ रूम का ताला टूटा हुआ था स्टाफ रूम में लगे टीवी, प्रोजेक्टर तथा ऑफिस में रखें 01 नग लैपटॉप को अज्ञात चोरों के द्वारा चोरी कर लिया गया प्रयोगशाला कक्ष में रखे सामग्री तथा कार्यालय में सामग्री को तोड़फोड़ किया गया प्रार्थी के रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जांजगीर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
स्कूल में हुई चोरी की घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल जिले के पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली योगिता बाली खापर्डे को दिया गया जिस पर अधिकारियों द्वारा तत्काल आरोपियों का पता तलाश कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश प्राप्त हुए जिस पर थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम घटना स्थल की ओर रवाना किया गया जो घटनास्थल तथा आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर कुछ संदेहियों का नाम पता चला जिन्हें पुलिस टीम के द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसमे उमेश बंजारे उर्फ ननकी से पूछताछ करने पर प्रारंभिक तौर पर गुमराह करता रहा परंतु बारीकी से पूछताछ करने पर अपने 02 अन्य नाबालिक साथियों के साथ मिलकर स्कूल में चोरी का अपराध घटित करना स्वीकार किया पुलिस टीम के द्वारा दो नाबालिगों सहित आरोपी उमेश बंजारे के कब्जे से चोरी गए टीवी, लैपटॉप तथा प्रोजेक्टर कीमती 80000 रुपए को जप्त किया आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
उपरोक्त कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता थाना प्रभारी कोतवाली,प्रधान आरक्षक राकेश तिवारी, प्रधान आरक्षण प्रकाश चंद्र राठौर, आरक्षक शंकर राजपूत, तोरन डहरिया का विशेष योगदान रहा






