Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ बड़ा कदम, रायपुर समेत 3 शहरों में खुलेंगी स्पेशल NDPS कोर्ट

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब ड्रग्स तस्करी और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद जिले के सरायपाली में विशेष एनडीपीएस अदालतें स्थापित की गई हैं। सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती बढ़ाना है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, ये अदालतें केवल एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी। हाईकोर्ट की सहमति के बाद धारा 36(2) के अंतर्गत इन विशेष अदालतों का गठन किया गया है।
रायपुर में स्थापित एक्सक्लूसिव एनडीपीएस कोर्ट की जिम्मेदारी दसवीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण थवाइट को सौंपी गई है। बिलासपुर में तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण त्रिपाठी को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं सरायपाली क्षेत्र के लिए प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश पवन कुमार अग्रवाल को यह जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने इन नई अदालतों के संचालन के लिए 21 नए पदों को भी मंजूरी दी है। इनमें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, स्टेनोग्राफर, रीडर, क्लर्क, डिपोजिशन राइटर, प्रोसेस राइटर और भृत्य के पद शामिल हैं।
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इन पदों के लिए वित्त विभाग ने प्रारंभिक व्यय की अनुमति भी दे दी है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी निर्देश में संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। तीनों विशेष अदालतों को 11 मई 2026 से प्रभावी माना गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अलग एनडीपीएस अदालतें बनने से ड्रग्स मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और वर्षों से लंबित केसों का दबाव कम होगा। राज्य में हाल के समय में मादक पदार्थों की तस्करी और प्रतिबंधित ड्रग्स की बरामदगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद विशेष अदालतों की मांग लंबे समय से की जा रही थी।






