CG CRIME : बोरे में बंद मिली मासूम, पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, आक्रोशित लोगों ने किया थाने का घेराव

बच्ची शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल से घर लौटी थी। इसके बाद वह पास की ही एक दुकान पर चॉकलेट खरीदने के लिए गई थी। आरोपी धनेश्वर साहू भी वहीं मौजूद था। वह बच्ची को पहले से जानता था क्योंकि दोनों का घर आसपास ही है। आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ गलत काम किया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। धीरे-धीरे पूरा गांव बच्ची को ढूंढने में जुट गया। दोपहर करीब 2 बजे गांव के दो युवकों की नजर कुएं के पास पड़े एक बोरे पर पड़ी। उन्होंने देखा कि बोरा थोड़ा हिल रहा है। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। बोरे के अंदर वही 5 साल की बच्ची बंद थी। मासूम का मुंह तकिया कवर से बेरहमी से बांधा गया था ताकि वह चिल्ला न सके।
उसे खोज निकालने वाले युवक ने बताया कि जब बच्ची को बाहर निकाला गया, तो वह पसीने से तरबतर थी और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। वह इतनी डरी हुई थी कि कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस को सूचना देकर तत्काल बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव के युवक ने बताया कि अभी बच्ची ठीक है। पांच-छह साल की होगी। आरोपी का नाम धनेश्वर है जिसे मोहल्ले में जनता के नाम से लोग जानते हैं। बच्ची को बोरे के अंदर डाल कर, तकिये के खोल से मुंह बांधा हुआ था और उसे पीछे खंडहर के करीब स्थित कुएं के पास फेंक दिया था। खोजते हुए जब हम दोनों कुएं के पास पहुंचे तो बोरे में हल-चल दिखी, जब अंदर खोलकर देखा तो उसमें बच्ची मिली। हमने उठाया तो वो हांफ रही थी बस। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और पसीने से तरबतर थी। जिस युवक को हिरासत में लिया गया है, उसने स्वीकार किया था कि तकिया का कपड़ा उसी का था। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश है।जैसे ही बच्ची के मिलने और उसके साथ हुई दरिंदगी की खबर गांव में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी धनेश्वर साहू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। खबर मिलते ही रात करीब 9 बजे 150 से ज्यादा ग्रामीण उतई थाने पहुंच गए।
ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए या फिर उसे नग्न करके मोहल्ले में उसका जुलूस निकाला जाए। भीड़ इतनी उग्र हो गई कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ना पड़ा। ग्रामीण आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे। पाटन एसडीओपी अनुप लकड़ा ने बताया कि बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। पुलिस ने साफ किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। आरोपी धनेश्वर साहू मजदूरी करता है और शराब पीने का आदी है। गिरफ्तारी के वक्त भी वह नशे में था। एफएसएल की टीम ने आरोपी के घर की तलाशी ली है, जहां से इस अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत और वही तकिया कवर बरामद हुआ है, जिसका टुकड़ा बच्ची का मुंह बांधने के लिए इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पाटन एसडीओपी अनुप लकड़ा ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा ताकि मासूम को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और दोषी को कड़ी सजा दी जा सके। फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।





