कुसमुण्डा आश्रित ग्रामीण भू-विस्थापितों के लिए नविन पुनर्वास ग्राम का भूमि पूजन

एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुये अधिग्रहित ग्राम खोडरी, रिसदी, पाली सहित अन्य ग्रामों के भूविस्थापितों के कल्याण में एक कदम और अग्रसर होते हुये उनके पुनर्वास के लिये चयनित ग्राम खम्हरिया में भूमिपूजन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उक्त पुनर्वास परियोजना के अधिन लगभग डेढ़ हजार परिवारों का पुनर्वास कराया जायेगा । इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक संजय मिश्रा ने बताया कि कथित पुनर्वास ग्राम में सभी मूल भूत सुविधायें उपलब्ध कराई जायेगी। जिसमें सड़क निर्माण, स्वच्छ पेय जल सामूदायिक भवन, मनोरंजन केन्द्र, देवस्थल, शापिंग कॉम्प्लेक्स, महिला स्वसहायता समूह के लिये स्थाल का निर्माण आदि को उपलब्ध कराई जायेगी। उक्त कार्य हेतु निविदा आवंटन कार्यो का शुभारंभ इसी माह में किया जायेंगा। खम्हरिया ग्राम के ग्रामीणों द्वारा चर्चा के दौरान यह मांग प्रबंधन के समक्ष रखी गयी कि खम्हरिया के पुराने लंबित रोजगार प्रकरणों को जल्द से जल्द निपटारा किया जाये। महाप्रबंधक ने बताया कि उक्त समस्या के मदेनजर माननीय जिलाधिश, कोरबा के द्वारा दिये गये। दिशानिर्देशों का परिपालन प्रबंधन के द्वारा किया जायेगा। जिला कलेक्टर द्वारा दिया गया दिशानिर्देश जो निम्नानुसार है-  01  मूल भू-स्वामियों के परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन एवं मुआवजा । 02 मात्र भू-स्वामियों को विस्थापन लाभ। 03  खमरिया ग्राम की पुरानी बस्ती को मूलभूत सुविधाओं से सुसजित किया जाना । 04 बचे हुए मूल ग्राम वासियों को वेकल्पिक रोजगार प्रदान करना। 05 पुराने स्थान के जगह पर विस्थापितों को नवीन विस्थापित किया जाये। 06 बचे हुए स्थाई राजकरणों पर शीघ्र नौकरी प्रदान करना।

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आपको बता दें कुसमुण्डा परियोजना 50 मिलियन टन उच्चतम क्षमता 62.5 मिलियन टन की पूर्ण क्षमता उत्पादन की प्राप्ति हेतु लगभग 06 गावों के निवासरत लगभग 2500 से 3000 आश्रित परिवारों को पूनर्वास प्रदान किया जाना आने वाले वर्षों में प्रस्तावित है ताकि वर्तमान में देश की दूसरी सबसे बड़ी परियोजना की पूर्ण क्षमता का दोहन किया जा सके कुसमुण्डा परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि कई राज्यों में उर्जा संयत्रों को कोयला की आपूर्ति करती है। विगत दो दशको के बाद कथित पूनर्वास स्थल का निर्माण किया जाना परियोजना के भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होगा। उक्त अवसर पर उपस्थित ग्राम खोडरी के सरपंच सहित सैकड़ों ग्रामिणों उस्थित थे। ग्राम वासीयों द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुये प्रबंधन के इस पहल पर संतोष जाहिर किया व आश्वस्त किया कि ग्राम के परिसंपत्तियों का सर्वेक्षण जल्द से जल्द कराया जायेगा। प्रबंधन ने उन्हें आश्वस्त किया कि सर्वकार्यों के पूर्ण होने के तीन माह के अन्दर उनका पूनर्वास मुआवजा स्वीकृति करा दिया जायेगा ताकि ग्रामीणों अपने विस्थापन हेतु उचित मुआवजा लाभ हासिल कर सके। प्रबंधन ने बताया कि खोडरी ग्राम में 113 पात्र व्यक्तियों की डिसेडिंग आर्डर सूची माननीय कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है एवं जल्द ही एसईसीएल बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त कर ली जायेगी। इस अवसर पर एस०डी०एम०. कटघोरा कौशल तेदुलकर द्वारा ग्रामीणों के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा की रोजगार नमांकन हेतु आवश्यक दस्तावेज जैसे वंशवृक्ष फक्ती नामांतरण तथा आनलाईन त्रुटि सुधार हेतु त्वरीत कार्यवाही कि जायेगी।

 

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