रेलवे अफसर से सूदखोरी का खेल: 50 हजार के बदले वसूले लाखों, एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी

बिलासपुर : रेलवे विभाग के मुख्य कार्यालय अधीक्षक ने एक सूदखोर युवक पर पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार भयादोहन, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठने का आरोप लगाया है। सूदखोर ने सिर्फ 50 हजार रुपये दिए थे और उसके एवज में लाखों रुपये व अन्य सामान हड़प लिए। वहीं ब्याज नहीं देने पर आरोपी ने झूठे गांजा केस में फंसाने की धमकी भी दी। पीड़ित की शिकायत पर तोरवा थाना पुलिस ने आरोपी हेमंत करवा, निवासी देवरीखुर्द अटल आवास के खिलाफ धारा 308 (5) व 308 (6) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्ज से हुई शुरुआत, फिर धमकी और वसूली का सिलसिला शुरू
शिकायतकर्ता बाबू लाइन रेलवे कॉलोनी निवासी गजाधर सिंह (49), जो कि रेलवे विभाग के मुख्य कार्यालय अधीक्षक के पद पर हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि 3-4 साल पहले रकम की जरूरत पड़ने पर उन्होंने परिचित कैलाश सिंह के माध्यम से उसके भाई दिनेश सिंह से 50 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। ब्याज की वसूली के बहाने हेमंत करवा घर आने-जाने लगा। आरोप है कि मूल रकम व ब्याज लौटाने के बाद भी आरोपी ने धमकाकर अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी और नगद व ऑनलाइन भुगतान के जरिए लगातार पैसे ऐंठता रहा।
ऑफिस में आकर भी धमकाता रहा आरोपी
पीड़ित का कहना है कि आरोपी ऑफिस पहुंचकर भी धमकी देता था और जबरन साथ ले जाकर दबाव बनाता था। मानसिक तनाव के चलते वह हर माह वेतन का बड़ा हिस्सा उसे देता रहा, यहां तक कि बैंक लोन की किस्तें भी अटकने लगीं और दोपहिया वाहन गिरवी रखना पड़ा।
पत्नी के नाम पर फाइनेंस करवाई बाइक, वीडियो रिकॉर्डिंग से डाला दबाव
शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर पल्सर 220 बाइक फाइनेंस कराई, जिसका डाउन पेमेंट पीड़ित से कराया गया और किस्तें भरने का दबाव बनाया गया। बाद में दोस्त शनि वर्मा के नाम पर बुलेट बाइक दिलवाने तथा भुगतान के लिए स्वहस्ताक्षरित चेक लेने का भी आरोप है। पीड़ित ने यह भी बताया कि आरोपी पिस्तौल दिखाकर धमकाता था और मोबाइल से दबावपूर्वक बातें कहलवाकर वीडियो/कॉल रिकॉर्डिंग करता था, ताकि आगे ब्लैकमेल कर सके। आरोपी ने कथित तौर पर जान से मारने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और गांजा केस में फंसाने की धमकी दी।
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75 हजार और देने पर छोड़ने की बात
पीड़ित के अनुसार 25 फरवरी को आरोपी ऑफिस पहुंचा और कहा कि 75 हजार रुपये और दे दो, तो हमेशा के लिए दूर हो जाऊंगा। पैसे न होने की बात कहने पर गाली-गलौज और धमकी दी गई। 26 फरवरी को वह पत्नी के साथ घर पहुंचकर भी अभद्रता किया। तोरवा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं एफआईआर दर्ज होते ही सूदखोर फरार हो गया है। जिसकी तलाश पुलिस कर रही हैं।






