शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 1.49 करोड़ की साइबर ठगी, अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

मोहला : शेयर ट्रेडिंग में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर 1.49 करोड़ रुपये की अंतर्राज्यीय साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह का राजफाश किया है। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उत्तराखंड और गुजरात में दबिश देकर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। जांच में ठगी का नेपाल कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी विस्तृत विवेचना जारी है।
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अंबागढ़ चौकी निवासी प्रार्थी कुनाल अग्रवाल ने पुलिस में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार नौ नवंबर से छह दिसंबर 2025 के बीच अज्ञात व्यक्तियों ने मोबाइल नंबरों के माध्यम से संपर्क कर शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा दिया। विश्वास में लेकर पंजाब नेशनल बैंक और एचडीएफसी बैंक के खातों से कुल एक करोड़ 49 लाख 50 हजार रुपये अलग-अलग खातों में डलवा लिए गए। रिपोर्ट पर पुलिस ने जांच शुरु की। जांच में स्पष्ट हुआ कि ठगी की रकम पहले पांच विभिन्न खातों में डलवाई गई, फिर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर चेक और एटीएम के जरिए निकाला गया। लोकेशन ट्रैकिंग के दौरान संदेहियों की मौजूदगी रुद्रपुर (उधमसिंह नगर, उत्तराखंड), अहमदाबाद, राजकोट और सूरत (गुजरात) में मिली।
इन्हें दबोचने के लिए दो विशेष टीमों रवाना की गई जिसने अलग अलग स्थानों पर रेड की। इस मामले में पुलिस ने आरोपित बैंगलोर से मनोज कुमारजी, उत्तराखंड से सनातन मंडल व योगेंद्र सिंह, निवासी दिनेशपुर, गुजरात निवासी युसुफ संधवानी, राहुल गुप्ता, गौतम भाई बागड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सात मोबाइल और दस सिम कार्ड जप्त किए गए। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों के संपर्क काठमांडू (नेपाल) के व्यक्तियों से होने के संकेत मिले हैं। गिरोह की कार्यप्रणाली, धन प्रवाह और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।





