TechTechnology

सावधान! ये 4 नंबर आपके बैंक अकाउंट को कर सकते हैं खाली, इनकमिंग कॉल भी न उठाएँ

अनजाने नंबरों से आए मैसेज और कॉल्स में हो सकता है खतरनाक वायरस, जो चोरी कर सकता है आपका निजी डेटा

  • अनजाने नंबरों के मैसेज और कॉल्स से रहें सतर्क।

  • मैसेज में मौजूद लिंक हो सकते हैं खतरनाक वायरस।

  • वायरस आपके फोन से निजी डेटा चुरा सकता है।

साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों के साथ फ्रॉड करने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में वो सफल हो जाते हैं और लोग बड़े फ्रॉड का शिकार बन जाते हैं। हाल ही में सरकार ने कुछ नंबरों से आने वाले मैसेज और कॉल्स को इग्नोर करने के लिए कहा है। इन नंबरों से आने वाले मैसेज में मेलवेयर वाले लिंक होते हैं, जो आपके फोन में छिपा हुआ वायरल इंजेक्ट कर सकते हैं। ये वायरस आपको फोन से निजी डेटा की चोरी कर सकते हैं और आपके साथ फ्रॉड को अंजाम दे सकते हैं।

डिजिटल हो रही दुनिया में हमारे सारे बैंकिंग और UPI ऐप्स स्मार्टफोन में ही रहते हैं। इन ऐप्स का एक्सेस अगर हैकर्स को मिल जाए तो बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया जा सकता है। ऐसे में आपको इंटरनेशनल और VoIP नंबर से आने वाले कॉल्स और मैसेज को इग्नोर करना चाहिए। पिछले दिनों जारी एडवाजरी में सरकारी एजेंसी I4C ने 4 नंबरों के बारे में लोगों को सतर्क किया है। इन नंबरों से आने वाले कॉल्स और मैसेज आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

लंबित 27% ओबीसी आरक्षण छत्तीसगढ़ में लागू किए जाने ओबीसी महासभा ने सौंपा ज्ञापन

ये हैं 4 नंबर

+92- यह पाकिस्तान का आईएसडी कोड है। साइबर अपराधी और पाकिस्तान में बैठे क्रिमिनल्स इससे शुरू होने वाले नंबर का इस्तेमाल करके आपको वॉट्सऐप या अन्य मैसेजिंग ऐप पर मैसेज भेज सकते हैं। इन मैसेज में छिपा हुआ लिंक हो सकता है, जो आपके फोन का एक्सेस ले सकता है।

+855- यह एक VoIP यानी वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल नंबर है, जिसे आम भाषा में इंटरनेट से जेनरेट किया गया वर्चुअल नंबर भी कहा जाता है। इस नंबर को ट्रैक करना आसान नहीं होता है, जिसकी वजह से हैकर इसका इस्तेमाल लोगों के साथ फ्रॉड करने के लिए करते हैं।

+86- इससे भी शुरू होने वाला नंबर एक VoIP नंबर होता है, जिसे फ्रॉड के लिए यूज किया जाता है।

+880- I4C के मुताबिक, यह भी एक इंटरनेट से जेनरेट किया गया वर्चुअल नंबर है, जिसका इस्तेामल साइबर अपराधी फ्रॉड के लिए करते हैं।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के जिला प्रतिनिधि संतोष यादव ने नव नियुक्त CMHO डॉ. अनीता श्रीवास्तव से की सौजन्य मुलाकात

आम तौर पर इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जाता है। ऐसे नंबर भारत में ट्रैक नहीं किए जा सकते हैं। इनके लिए हैकर्स VPN यानी वर्चुअल नेटवर्क का सहारा लेते हैं, जिसे ट्रैक करना काफी मुश्किल होता है। अगर, आपके पास भी ऐसे किसी नंबर से कॉल या मैसेज आए तो उसे इग्नोर करें और दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल या ऐप पर रिपोर्ट करें। इसके अलावा आप साइबर क्राइम डिपार्टमेंट के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।

#CyberFraud #DataTheft #PhoneSecurity #StayAlert #MalwareAlert #OnlineSafety #ScamWarning #DigitalSafety #ProtectYourData #SecurityTips

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026