पुलिस के नाक के निचे चल रहा अवैध कारोबार….

मनेंद्रगढ़ से सतीश गौतम की रिपोर्ट

जिला एमसीबी मनेंद्रगढ़ : यह बताने में हमें जरा भी परहेज नहीं है की मनेन्द्रगढ़,झगराखाण्ड, नई लेदरी और खोँगा पानी जैसे थाना क्षेत्रो में अवैध कारोबार बड़े ही जोरो से फल फूल रहा है। हमने जो यह शब्द इस्तेमाल किया है कि पुलिस के नाक के नीचे वह इसलिए की मनेंद्रगढ़ झगराखाण्ड और खोँगापानी इन सभी थाना क्षेत्र में नए प्रभारी की नियुक्ति हुई है। इन नए थाना प्रभारियों को और इन के आला अधिकारियों को वर्तमान आर्थिक व भौगोलिक परिस्थितियों की कोई खास जानकारी नहीं है। जिसका भरपूर फायदा पुलिस विभाग के पुराने रमे हुए सिपाही और जवान उठा रहे हैं। बताया जा रहा है थाना खोँगापानी, नई लेदरी, और झगराखाण्ड मे सट्टा किंग अशोक सिंह कबाड़ी मसा डॉन, जैसे लोगो का दबदबा है।और इन लोगों ने अपने कारोबार को फलने फूलने देने के लिए तमाम थाना क्षेत्र के जवानों और सिपाहियों को सेट कर रखा है।

अब आ जाते हैं मनेंद्रगढ़ की तरफ यहां का हाल भी कुछ इसी तरह है यहां के सट्टा किंग है पंकज गुप्ता ! इनके अंडर में कम से कम बड़का छोटका जैसे 20 मोटे खाईवाल हैं और अगर कबाड़ की बात करें तो चुनमुन तो यूं ही बदनाम है ऐसा नहीं है कि वह कोई ईमानदार कबाडी है उसके अलावा राजू, कददन और मुस्वा जैसे और भी नामी ग्रामी कबाड़ी मौजूद है। जो लोग एसईसीएल,रेलवे एवं अन्य जगहों से चोरी हुए लोहे एवं तांबा जैसे धातुओं की खरीद बिक्री बड़े आराम से कर रहे हैं। दारू के मामले में अभी हाल ही में हमारे सूत्र ने एक खबर दी की ईदगाह के पास एक जवान ने किसी दारू ले जा रहे व्यक्ति को स्कूटी सहित धर दबोचा और बजाए थाना ले जाने के महाशय ने उस अवैध कारोबारी से डील कर लिया।

      अब मानो जैसे शहर में गांजा तो बिक ही न रहा हूं ऐसा कैसे हो सकता है मुबारक,सलाउद्दीन, झीगा महराजिन जैसे और भी लोग बड़े आराम से धड़ल्ले से गांजा बेच रहे हैं। जुआ फड़ कुछ जवानों की सलाह से अब बंद कमरे में नहीं बल्कि खुले में खिलाया जाता है ताकि भागने में आसानी रहे।

पुलिस के जवान बेचारे मासूम है इनको कुछ भी जानकारी नहीं है।

ऐसा पुलिस जवानों का कहना है लेकिन हम नहीं मानते।

इन तमाम तरह के अवैध कारोबारीयों को यह भी सलाह दिया गया है कि किसी तरह से भी आपके काम कारोबार की जानकारी पत्रकारों को नहीं लगनी चाहिए क्योंकि पत्रकार साथी सीधा इन कामों की शिकायत आईजी एसपी एडिशनल एसपी सीएसपी से करेंगे। क्योंकि यह लोग यह जानते हैं कि हम जो मोटी मलाई खा रहे हैं वह मिलनी बंद हो जाएगी अभी मौका अच्छा है आईजी से लेकर प्रभारी तक सब नए हैं।

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