
चांपा: नगर में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है। हर एक मोहल्ले में एक दो झोलाछाप आपको लोगों की जान से खिलवाड़ करते मिल जाएंगे। कुछ साल किसी डॉक्टर के पास कंपाउंडरी कर खुद को डॉक्टर मानकर प्रैक्टिस करने वाले हैं यह झोलाछाप बड़ी मात्रा में अपने पास दवाइयां रखते हैं और इंजेक्शन लगाते हैं।जबकि ने इंजेक्शन लगाने का अधिकार नहीं है। ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों में 50% बंगाल से आए बंगाली डॉक्टर के आने वाले हैं।
वर्तमान में बड़ा खेल जो चल रहा है वह यह कि नाम किसी बड़े डॉक्टर या एमबीबीएस डॉक्टर का बाहर तख्ती में लिखा होता है और अंदर कोई झोलाछाप छुपकर इलाज करता रहता है। अभी एक मामला सामने आया था और कई आने बाकी हैं ।किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर के नाम का बोर्ड लगा कर झोलाछाप द्वारा प्रैक्टिस करना आम बात हो चली है। उल्लेखनीय है कि लंबे अरसे से नगरीय क्षेत्र में इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है जिससे इनके हौसले बुलंद हैं और यह बेधड़क निडर होकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ज्ञात हो कि इन्हें दवाइयां रखने और अपने पास से देने का अधिकार भी नहीं है फिर भी यह लोगों को दवाई देते हैं इंजेक्शन लगाते हैं यहां तक कि बकायदा पर्ची में दवाई लिख कर भी देते हैं। और मजे की बात ये झोलाछाप मरीजों की खून की जांच भी की करवाते हैं ।लेकिन पैथोलैब द्वारा इनके नाम की जगह किसी दूसरे डॉक्टर का नाम जांच रिपोर्ट में दिया जाता है। नगर में बहुत सारे पैथोलैब ही अवैध रूप से संचालित हैं जिसकी खबर या तो विभाग को नहीं है या विभाग के पास उनकी खबर लेने का वक्त नहीं है।बहरहाल सस्ते इलाज के चक्कर में लोगों की जान से खिलवाड़ का खेल बदस्तूर जारी है।