
दमोह के जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्था सुधरने के नाम नही ले रही है। अब तक कलेक्टर ने भी काफी प्रयास किए। कई सारे नियम बनाए लेकिन सभी नियम सिर्फ कागजी घोड़े साबित हुए। यहां आलम यह है कि, मरीज के लिए वार्ड तक ले जाने परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यहां वहां भटकना पड़ता है। कोई वार्डवाय नही मिलता। मरीज के लिए वार्डों में टीवी तो लगी है, लेकिन वह दीवार की ही शोभा बड़ा रही है कभी चालू ही नही हुई।
इन सब के बावजूद अस्पताल में अवैध शराब, गांजा आसानी से मिल जाता है। बीते सप्ताह कलेक्टर ने काफी सख्ती दिखाई तो अस्पताल में चल रहे एक बड़े गोरखधंधे का खुलासा जरूर हो गया। जब अस्पताल के सुरक्षा गार्डों के चैकिंग के दौरान एक व्यक्ति गांजा का धंधा करता पकड़ा गया था। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। वहीं अस्पताल की सुरक्षा में लगे कर्मियों द्वारा मरीज के परिजनों से मारपीट करने के वीडियो भी जमकर वायरल होते रहते है। मगर इसके बाद भी जिला अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। जिसका खामियाजा यहां पर आने वाले दूर दराज क्षेत्रो के गरीब मरीजो को भुगतना पड़ता है।