गेवरा खदान के ठेका कंपनी PNC में स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार देने का आरोप, जिला पंचायत सदस्य ने बंद कराया काम…
न्यूज डेस्क


गेवरा खदान के ठेका कंपनी PNC में स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार देने का आरोप, जिला पंचायत सदस्य ने बंद कराया काम…. 
कोरबा – जिले की एसईसीएल कोयला खदानों में स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार देने का आरोप लगातार लगता रहा है,इसके अलावा एच पी सी रेट नहीं देना, 8 घंटे का बजाय 12 घंटे काम लेते हुए कामगारों के शोषण जैसे अनेकों आरोप ठेका कंपनियों पर लगते रहे हैं। इसी कड़ी में कोरबा जिला पंचायत सदस्य विनोद यादव ( अधिवक्ता) ने आज भूविस्थापितों गेवरा खदान में PNC ठेका कंपनी का काम रुकवा दिया है। आज किए जा रहे आंदोलन से कुछ समय पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने एस. ई. सी. एल. गेवरा प्रबन्धन को स्थानीय लोगों की समस्याओं से अवगत कराते हुए ठेका कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के काम बंद करने की सूचना पत्र के माध्यम से दी थी। जानिए क्या कुछ कहा गया है पत्र में – महाप्रबंधक (गेवरा क्षेत्र) आपके अधिनस्थ ठेका कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी के द्वारा विगत चार पांच माह से मिट्टी एवं कोयला उत्खनन का कार्य किया जा रहा है जिसमें निम्न समस्या एवं मांगों को लेकर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहूंगा।
1. पीएनसी कंपनी में कार्यरत समस्त कामगारों ड्राइवर, सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर, हेल्पर, सहित अन्य कर्मचारियों की नाम, पत्ता सहित सूची उपलब्ध कराने के संबंध में।
2 क्षेत्रीय बेरोजगार युवा भाइयों से बार-बार शिकायत प्राप्त हो रही है कि क्षेत्रीय बेरोजगारों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार प्रदान की जा रही है।
3 एस. ई.सी.एल गेवरा प्रोजेक्ट द्वारा वर्तमान एवं पूर्व में अर्जित ग्राम सहित खदान से प्रभावित्त पांच किलोमीटर के अंतर्गत गांव के सभी बेरोजगार को रोजगार प्रदान करने के संबंध में।
4 कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों से शिकायत प्राप्त हो रही है कि कोयला उत्खनन कार्य में लगे ड्राइवर को सरकार द्वारा निर्धारित एचपीसी रेट नहीं दी जा रही है एवं अन्य कर्मचारियों को कम पेमेंट देकर 12 घंटा काम लेकर शोषण किया जा रहा है एवं विरोध करने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी व मारपीट कर दबाव पूर्वक काम लिया जा रहा है।
“अतः आपसे निवेदन है कि हमारी उक्त समस्या एवं मांगों को पांच दिवस के भीतर पूरा किया जाए अन्यथा मै काम बंद करने के लिए बाध्य रहूंगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी एस. ई. सी. एल. प्रबंधन प्रशासन एवं कंपनी की रहेगी।” आज दिनांक तक इस उनके आवेदन पर ध्यान नहीं दिया गया जिस वजह से आज यह आंदोलन देखने को मिल रहा है।






