कोरबा का ये अस्पताल जीवन बचाने के लिए या जीवन लेने के लिए..?? भतीजे की सांसो को बचाने अस्पतालों चक्कर लगाता रहा चाचा नहीं बची जान..

कोरबा का ये अस्पताल जीवन बचाने के लिए या जीवन लेने के लिए..? भतीजे की सांसो को बचाने अस्पतालों चक्कर लगाता रहा चाचा नहीं बची जान..

कोरबा जिले के नए बस स्टैंड स्थित शिवाय अस्पताल पर लापरवाही बरतने को लेकर पीड़ित ने कोरबा कलेक्टर से शिकायत लिखित शिकायत की है। इसके अलावा सोशल मीडिया में इससे जुड़ी एक वीडियो भी वायरल हो रही है। देखें….
चांपा जांजगीर जिले के ग्राम कचंदा में निवास करने वाले कैलाश दास ने कोरबा कलेक्टर को शिकायती पत्र लिखकर अपने भतीजे के साथ हुए अमानवीय घटना का जिक्र कर न्याय की गुहार लगाई है। कैलाश दास का कहना है कि वह मृतक अरुण दास का चाचा है, अरुण की उम्र 29 वर्ष थी, जिसकी पत्नी और 6 महीने का पुत्र हैं, बीते 15/09/26 की घटना हैं, मरीज अरुण दास जिला अस्पताल मे 14/09/26 को भर्ती कराया गया था, जिला अस्पताल मे इलाज के दौरान मरीज की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी, और मरीज को सांस लेने वाली माशिन (वेंटीलेटर) लगाया गया, स्थिति बिगड़ती गयी, न ही अस्पताल मे सोनोग्राफी हुई ना ही सिटी स्कैन, हमने मरीज को निजी अस्पताल लें जाने का निर्णय लिया, फिर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित शिवाय हॉस्पिटल में लगभग 11:40 बजे रात फोन पर स्वप्निल झा (शिवाय हॉस्पिटल) से बात करके वेंटीलेटर की व्यवस्था का जानकारी लिया गया स्वप्निल झा द्वारा हमें बोला गया की मरीज को लें आओ यहाँ वेंटीलेटर की व्यवस्था हैं, मरीज को वेंटीलेटर वाली एम्बुलेंस किराया करके लगभग 12:30 से 1 बजे रात्रि शिवाय हॉस्पिटल मरीज पंहुचा जहा डॉक्टरो द्वारा बोला गया की यहाँ वेंटीलेटर खाली नहीं हैं, एम्बुलेंस को पास मे स्थित जैन हॉस्पिटल लें जाया गया वहा डॉक्टर नहीं होने पर फिर मरीज को कोसाबाड़ी स्थित NKH
हॉस्पिटल लें जाया गया जहा पैसे के आभाव में एडमिट नहीं करा सके फिर पुनः शिवाय हॉस्पिटल फोन पर बात करने से यह पता चला की वहा वेंटीलेटर मशीन खाली हैं, मरीज को वापस लें आओ, मरीज को एम्बुलेंस की सहायता से पुनः शिवाय हॉस्पिटल लें जाया गया जहां डॉक्टरो ने मरीज को मृत घोषित कर दिया, मरीज लगभग 2-3 घंटे तक एम्बुलेंस मे इस हॉस्पिटल से उस हॉस्पिटल करता रहा, और आखिर कर उसकी मृत्यु हों गयी।
गरीब,अनाथ बच्चे और मृतक की पत्नी को इंसाफ की गुजारिश लेकर कैलाश दास ने कोरबा कलेक्टर से जांच कर दोषियों पर उचित कार्यवाही की मांग की है, ताकि भविष्य मे ऐसे और कोई परिवार या कोई मरीज के साथ घटना न हों।





