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एलीफैंट अलर्ट एप की 15 जिलों में आज लॉन्चिंग:हाथी या झुंड 20 किमी दायरे में तो 10 हजार मोबाइल पर अलर्ट

​​​​सरगुजा से उत्तर बस्तर तक के वनों वाले तकरीबन ऐसे जिले, जिनके किसी न किसी हिस्से में खाना-पानी की तलाश में हाथी या झुंड पहुंच रहे हैं और जान-माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, ऐसे हिस्सों में रहनेवालों को एलर्ट करने के लिए वन विभाग बुधवार, 7 जून को हाथी अलर्ट एप लांच करने जा रहा है।

इस एप की खास बात यह होगी कि जिनके मोबाइल पर इंस्टाल होगा, हाथी या झुंड के 20 किमी दायरे में आने पर उन्हें अलर्ट भेज देगा। यह एप धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली, सूरजपुर, अंबिकापुर, जशपुर और बलरामपुर के लिए तैयार किया गया। क्योंकि प्रदेश में मौजूद हाथियों के 10 बड़े दलों का मूवमेंट इन्हीं जिलों के गांवों में है। वहां पहुंचकर हाथी तबाही मचाने के साथ-साथ जानें भी ले रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में पहली बार एलीफैंट अलर्ट एप लांच करने की खबर दैनिक भास्कर ने 29 मार्च को प्रकाशित की थी। तब इस एप का ट्रायल चल रहा था। इस एप का तीन जिलों धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद के अलावा धरमजयगढ़ व बारनवापारा में ट्रायल किया गया, जो लगभग कामयाब रहा।

इसके बाद इसे हाथी प्रभावित इलाके के 10 हजार लोगों के मोबाइल पर इंस्टाल कर दिया गया। इस एप को सीएम भूपेश बघेल और वन मंत्री मोहम्मद अकबर लांच करने वाले थे। लेकिन उद्घाटन की औपचारिकता के बगैर एप लांच करने के निर्देश के बाद 7 जून को ईको पार्क, मेचका में विधायक लक्ष्मी ध्रुव इसे शुरू करेंगी।

हाथी मित्र दल करेंगे अपडेट फोन पर भी देंगे जानकारी
हाथी मित्र दल इस एप में हाथी के साथ-साथ कुछ और जानवरों की मौजूदगी की लोकेशन और फोटो अपलोड करेंगे। यह एप नेटवर्क रहने पर सर्वर से एलर्ट प्रसारित कर देगा। यही नहीं, कई लोग हमेशा मैसेज नहीं देखते या इंटरनेट में दिक्कत रहती है तो मैसेज नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों को फोन कर बताया जाएगा कि हिंसक हाथी या दल आसपास कहां है। सीतानदी-उदंती अभयारण्य के उप निर्देशक वरुण जैन ने बताया कि एलीफैंट अलर्ट एप से जनहानि रोकी जा सकेगी।

यह भी जानना जरूरी

  • सीतानदी-उदंती अभयारण्य में दुर्लभ हॉर्नबिल पक्षियों की संख्या बहुत है। 4 ट्रैकर्स दिनचर्या और व्यवहार पर नजर रख रहे है। निगरानी टीम को दूरबीन बांटा जाएगा।
  • 2 कबाड़ गाड़ी की मरम्मत कराकर जिप्सी बनाया गया है। इसका 7 जून को शुभारंभ होगा। इस जिप्सी के जरिए पर्यटक सीतानदी-उदंती अभयारण्य की सैर करेंगे।
  • सीतानदी-उदंती अभयारण्य में राजकीय पशु वनभैंसा संरक्षण संवर्धन केन्द्र के अलावा देवदाहरा जलप्रपात, चौकसील धार्मिक पर्वत स्थल, बोतल धारा जलप्रपात, आमामोरा ओढ़ की पहाड़ियों में कई वॉटरफॉल हैं।
  • इको पार्क मेचका में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा वन्य जीवों से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को नोट बुक, ग्रामीणों को सर्च टॉर्च वितरण किया जाएगा।

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