
कोरबा : ईमानदारी पैसों से कितनी बड़ी होती है इसकी की एक जीती जागती मिशाल बीते दिन हमे देखने को मिली। जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत आदर्श नगर बैंक के पास अपनी इलेक्ट्रिक सामानों की रिपेयरिंग की छोटी सी दुकान चलाने वाले राजेश श्रीवास अपनी सायकिल से घर आ रहे थे, इसी दौरान इमली छापर फाटक के पास उन्हें सड़क के किनारे एक टच स्क्रीन मोबाइल पड़ा हुआ मिला, वे उस मोबाइल को उठा कर शिवमन्दिर चौक पंहुचे, अपने परिचित को मोबाइल के बारे में बताया और मोबाइल पाने की सूचना देने किसी से बात कर थाने में बताने की बात कही, अन्य मोबाईल के माध्यम से कुसमुंडा पुलिस से बात हुई,पुलिस ने थाने आने की बात कही। इतने में एक अन्य कॉल मोबाइल पर आया और राजेश ने कॉल उठाकर मोबाइल को पाने की बात बताई, काल करने वाला मोबाइल का मालिक था, मोबाइल का मालिक दीपका निवासी प्रेम सिंह मौके पर पंहुचा और उसने बताया की कुछ दिन पूर्व ही उसने ३० हजार रुपए में यह मोबाइल खरीदा था, संभवतः फाटक पार करते समय गिर गया, मोबाइल पर कॉल करने पर कॉल उठा कर मोबाइल ले जाने की बात सुन कर बेहद खुशी हुई है,वरना मैंने तो सोचा कि अब मोबाइल नही मिलेगा। राजेश श्रीवास ने बताया की उसे अपने बच्चे के लिए मोबाइल लेना था पर काम कम होने की वजह से वह पैसे नही जुटा पा रहा जिस वजह से वह मोबाइल नही ले पा रहा था, ऐसे में उसे सड़क किनारे एक नया मोबाइल मिला, पर जरूरत के बावजूद उसकी नियत नही डगमगाई, उसने मोबाइल के मालिक को मोबाइल सौंप दिया। वर्तमान में ऐसे कई वाकये देखने को मिल जाते हैं जहां लोग सक्षम होकर भी मिली चीजों को रखने से बाज नहीं आते,ऐसे माहौल में राजेश श्रीवास की ईमानदारी निश्चित रूप से कबीले-तारीफ है।