Chhattisgarh

आजादी के 76 वर्षों के बाद भी एक गांव ऐसा जहां बिजली के लिए भटक रहे ग्रामीण…

जगदलपुर inn24 (रविंद्र दास)आजादी के 76 वर्ष बाद देश मे जहां अमृत उत्सव मनाया रहा है वहाँ बस्तर के ग्रामीण आज भी अपने मूलभूत आवश्यकताओं के लिए दर दर भटकते हुए दृष्टिगोचर है .दूरस्थ अंचल टाहकावाड़ा के ग्रामीण पति पत्नि का जोड़ा अपनी व्यथा व्यक्त करता हुआ,, मूलभूत सुविधाओं की मांग के लिए दर-दर की ठोकरें खाता हुआ अनायास ही आई एन एन संवाददाता के साथ इतनी मुलाकात हुई, उन्हें अपनी समस्याएं बताईं और कहा कि वे विकासखण्ड छिंदगढ़ जिला सुकमा के टाहकवाडा ग्राम के नारी पानी पारा निवासी हैं .विगत कई वर्षों से अपनी मूलभूत समस्याओं के लिए वे दर-दर की ठोकरें खा रहे है.. अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि सरपंच सभी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया फरियाद की ..
लेकिन किसी ने आज तक उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया..संवाददाता ने पूछा क्या समस्याएं हैं तो बड़े भावुक मन से आदिवासी दंपतियों ने कहा कि जंगल के बीच स्थित उनके ग्राम बारे में आज तक बिजली नहीं पहुंची है घोर अंधकार में जीवन यापन करना पड़ रहा है ,,काफी मशक्कत के बाद पोल तो लगा दिए गए हैं.. पर वायर नही लगाए. सरपंच को बिजली के विषय में कहने पर उल्टे वायर के लिए पैसों की मांग करता है.. आयतु और कमली अपने बच्चों के साथ मीडिया के समक्ष हाथ जोड़कर प्रदेश के मुखिया से यह गुहार लगा रहे हैं  कि गांव में बिजली की व्यवस्था करा दी जाए.. ताकि उनके बच्चे पढ़ लिखकर कुछ आगे बढ़ सके आज भी घनघोर अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण अब मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुखिया को अपनी बातों से अवगत कराने की कोशिश कर रहे हैं..

क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उनके इस समस्याओं को सुने और जल्द से जल्द उनके गांव में बिजली की व्यवस्था की जाए ताकि वह उनकी मूलभूत आवश्यकता पूरी हो सके.,बिजली न होने से हमेशा जीव जंतुओं का डर बना रहता है उन्होंने बताया कि मोबाइल को चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गॉव में पहुंचकर मोबाइल चार्ज करना पड़ता है…

Ravindra Das Bureau Bastar

ब्यूरो चीफ बस्तर

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