धान खरीदी में बड़ा खेल! बोरियों में पाइप से पानी डालते पकड़े गए कर्मचारी, वीडियो वायरल
ग्रामीणों ने कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़कर किया विरोध, धान की बोरियों में पानी डालकर वजन बढ़ाने की कोशिश का आरोप; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप।

रायपुर : जिले के भलेरा सहकारी समिति में धान खरीदी को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि समिति के कुछ कर्मचारियों द्वारा धान की बोरियों में पाइप के माध्यम से पानी डाला जा रहा था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों और किसानों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, जब सहकारी समिति परिसर में धान की बोरियों में पानी डालने का काम किया जा रहा था, उसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों ने मौके पर ही इस कृत्य का विरोध किया और आरोप लगाया कि धान की बोरियों में पानी डालकर उनका वजन बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसा किया जा रहा था तो इससे न केवल शासन को आर्थिक नुकसान होता बल्कि किसानों के नाम पर हो रही धान खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि धान खरीदी के दौरान पहले से ही कई तरह की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन इस तरह की घटना सामने आना बेहद गंभीर है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से धान के वजन में हेरफेर कर सरकारी खरीद प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसकी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसानों और शासन के साथ इस प्रकार की गड़बड़ी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि धान खरीदी में इस प्रकार की अनियमितता की जा रही है तो यह किसानों के अधिकारों के साथ धोखा है।
यशवंत साहू ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों का भरोसा सरकारी व्यवस्था से उठ सकता है। वहीं घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह की अनियमितता पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में भी धान खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी होने की आशंका बनी रहेगी। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में जांच की उम्मीद जताई जा रही है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।






