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Chhattisgarhछत्तीसगढ

Bilaspur High Court: 20 जिला जेलों में वेलफेयर ऑफिसर होंगे नियुक्त, जेल नियमों में होगा बदलाव

बिलासपुर : बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में बढ़ती भीड़ और कल्याण अधिकारियों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सोमवार को राज्य सरकार और जेल महानिदेशक को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए सीजीपीएससी के माध्यम से परीक्षा ली जाएगी। यह भी कहा गया कि पहले वेलफेयर ऑफिसर और प्रोबेशन ऑफिसर के नाम से दो अलग-अलग पोस्ट थीं। अब दोनों पदों को एक साथ मिलाकर प्रोबेशन और वेलफेयर ऑफिसर के नाम से एक सिंगल पोस्ट बनाया गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ जेल नॉन-गजटेड III मिनिस्टीरियल और नॉन-मिनिस्टीरियल) सर्विस (क्लास रिक्रूटमेंट) रूल्स, 2022 में बदलाव भी किए गए।

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सरकार ने कोर्ट में जवाब देते हुए कहा कि राज्य में कुल 20 जिला जेल हैं। इन 20 जिला जेलों में नियुक्ति करने के लिए प्रोबेशन एंड वेलफेयर ऑफिसर के 20 नए पद बनाने की ज़रूरत है।लिहाजा इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के आने वाले मुख्य बजट में शामिल किए जाने के बाद, इस पोस्ट को भरने की कार्रवाई शुरू होगी। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य भर में नई जेल बिल्डिंग बनाते समय, अधिकारियों को मॉडल प्रिज़न मैनुअल, 2016 का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए। यह मैनुअल कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा करता है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेने कहा है। साथ ही डीजीपी प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज़ को विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने कहा है। कोर्ट ने मार्च 2026 में सुनवाई तय की है।

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जेलों में क्षमता से 40 प्रतिशत ज्यादा कैदी

हाई कोर्ट ने राज्य की 33 जेलों में क्षमता से करीब 40 प्रतिशत ज्यादा कैदियों की मौजूदगी और कल्याण अधिकारियों की कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि हर जिला जेल में वेलफेयर आफिसर की नियुक्ति और अतिरिक्त बैरक का समय पर निर्माण आवश्यक है, ताकि कैदियों को मानक सुविधाएं मिल सकें और भीड़भाड़ की समस्या कम हो। डीजी, जेल एवं सुधार सेवाएं ने अपने शपथपत्र में बताया कि 9 सितंबर 2025 तक 33 जेलों में 14,883 की क्षमता के मुकाबले 21,335 कैदी हैं। भीड़ कम करने के लिए कई जगह अतिरिक्त बैरक का निर्माण जारी है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां

याचिका में कोर्ट को बताया गया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों की कुल क्षमता करीब 15 हजार कैदियों की है, लेकिन इनमें 20 हजार 500 से अधिक कैदी बंद हैं। यह स्थिति न केवल जेलों में भीड़भाड़ बढ़ा रही है, बल्कि कैदियों और जेल प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी उत्पन्न कर रही है। शासन की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि भीड़ कम करने के लिए नए जेलों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में बेमेतरा जिले में एक नई जेल का निर्माण पूरा कर लिया गया है.

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026