FF 48, AMBE ANJANI E PLAZA, CMD SQUARE, BILASPUR
Chhattisgarhछत्तीसगढ

200 ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे ग्रामीण, श्री सीमेंट परियोजना के खिलाफ SDM कार्यालय पर किया प्रदर्शन

खैरागढ़ : जिले में प्रस्तावित श्री सीमेंट लिमिटेड की सण्डी चूना पत्थर खदान और सीमेंट परियोजना के खिलाफ जनविरोध चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों ने 200 से अधिक ट्रैक्टर–ट्रालियों के काफिले के साथ छुईखदान की ओर कूच किया। महिलाओं, युवाओं और बुज़ुर्गों की भारी भागीदारी ने विरोध को बड़े जनआंदोलन का रूप दिया। किसान हल्ला–बोल रैली को छुईखदान की सीमा से पहले ही पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पैदल ही आगे बढ़ते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग रखी।

Open School Exam: छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने 2026 की हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की

39 गांवों का लिखित विरोध, पंचायतों ने भी सुनाई दो टूक बात

प्रस्तावित खदान क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में आने वाले 39 गांवों ने लिखित आपत्ति दर्ज करते हुए परियोजना का विरोध किया है। सण्डी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ पंचायतों ने अपने ग्रामसभा प्रस्तावों में स्पष्ट कहा है कि वे चूना पत्थर खदान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि खदान खुलने पर जलस्रोत, कृषि, पशुपालन और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडराएगा।

ग्रामीणों का आरोप – जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं

ग्रामसभा से शुरू हुआ यह विरोध अब गांवों की सीमाओं को पार कर विधायक कार्यालयों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं तक पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान से होने वाला प्रदूषण और विस्थापन उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार करेगा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और प्रभावित गांवों की असल राय को शामिल नहीं किया गया। खदान के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत 11 दिसंबर को जनसुनवाई नियत है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच इसे लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

MP निर्मित अवैध शराब की तस्करी का पर्दाफाश, पुलिस ने दो तस्करों को किया गिरफ्तार

मांगों पर सहमति नहीं बनी होगा व्यापक आंदोलन

किसानों का कहना है कि जब 39 गांव औपचारिक रूप से परियोजना को अस्वीकार कर चुके हैं तो जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं बचता। ग्रामीणों के व्यापक विरोध, पंचायतों की दो टूक आपत्तियों और राजनीतिक–सामाजिक संगठनों के समर्थन से यह आंदोलन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो विरोध और भी व्यापक रूप ले सकता है। क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना के खिलाफ उठ रही यह आवाज अब केवल पर्यावरण या भूमि से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों के अस्तित्व, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का संघर्ष बन चुकी है। हजारों किसानों का शक्ति प्रदर्शन यह साफ संदेश देता है कि स्थानीय जनता अपनी भूमि और जल स्रोतों के सवाल पर किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026