
कभी इंजीनियरिंग का चमत्कार कहा जाने वाला जापान का कंसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIX) अब एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है. ओसाका बे के बीच दो कृत्रिम द्वीपों पर बना यह एयरपोर्ट लगातार धरती में धंस रहा है. हालात ऐसे हैं कि जापान को तात्कालिक कदम उठाने पड़ रहे हैं, ताकि इसकी स्थिति और न बिगड़े.
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क्या समुद्र निगल जाएगा ये खूबसूरत Airport
The Straits Times की रिपोर्ट के अनुसार, द्वीप की सतह अब तक 3.84 मीटर तक नीचे जा चुकी है. चौंकाने वाली बात ये है कि एयरपोर्ट निर्माण शुरू होने के बाद से अब तक यह कुल 13.6 मीटर तक धंस चुका है. 1994 में जब यह एयरपोर्ट खुला था, तब इसे नरम समुद्री मिट्टी पर तैरने वाले एक बेहतरीन डिज़ाइन के रूप में देखा गया था. शुरुआती वर्षों में ही यह उम्मीद से कहीं ज़्यादा तेज़ी से धंसने लगा, सिर्फ 8 सालों में लगभग 12 मीटर नीचे चला गया.
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कभी था दुनिया का अजूबा, अब धंस रहा गहरे पानी में
एयरपोर्ट का भारी वजन और समुद्र की नरम मिट्टी इसे संभाल नहीं पा रही है. अब बढ़ता समुद्री स्तर और प्राकृतिक बदलाव इसे धीरे-धीरे समुद्र की गहराइयों की ओर ले जा रहे हैं, जिससे इसका भविष्य संकट में है. हालांकि, कंसाई एयरपोर्ट ने अब तक 10 वर्षों से भी ज़्यादा समय तक बिना किसी बैगेज लॉस का रिकॉर्ड बनाए रखा है और 2024 में इसे दुनिया का बेस्ट लगेज हैंडलिंग एयरपोर्ट घोषित किया गया.
इंजीनियरिंग का चमत्कार अब बना चिंता का कारण
2018 के टाइफून जेबी तूफान के दौरान यहां भारी बाढ़ आई थी और एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था, जिससे इसकी भौगोलिक कमजोरी उजागर हुई थी. अब इंजीनियर लगातार एयरपोर्ट को स्थिर करने पर काम कर रहे हैं. अब तक $150 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि समुद्री दीवारों को मजबूत करने और पानी के दबाव को कम करने के लिए वर्टिकल सैंड ड्रेन सिस्टम पर खर्च की जा चुकी है.
समुद्र में समाता जा रहा है जापान का कंसाई Airport
2024 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, द्वीप के पहले हिस्से में औसतन 6 सेंटीमीटर जबकि दूसरे हिस्से में 21 सेंटीमीटर तक की सालाना धंसान दर्ज की गई है. कुछ जगहों पर जमीन 17.47 मीटर तक बैठ चुकी है. यह एयरपोर्ट आज भी 91 शहरों के लिए एक इंटरनेशनल कनेक्शन बना हुआ है और 2024 में 30.6 मिलियन से अधिक यात्रियों ने यहां से सफर किया.