विधानसभा में गूंजा धान खरीदी घोटाले का मुद्दा, विधायक ब्यास कश्यप ने उठाए कस्टम मिलिंग और भंडारण पर सवाल

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने धान खरीदी, कस्टम मिलिंग और भंडारण प्रणाली में हो रही अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी और गोदाम प्रबंधन में लापरवाही के कारण राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।विधायक कश्यप ने बताया कि वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग के लिए 1,28,61,832 मीट्रिक टन धान दिया गया था, जबकि केवल 79,69,000 मीट्रिक टन चावल जमा हुआ।
लगभग 6,59,000 मीट्रिक टन चावल कम मिला, जिसकी कीमत करीब 3,869 करोड़ रुपए आंकी गई है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था की अनियमितताओं से राज्य को कुल मिलाकर लगभग 8,500 करोड़ रुपए तक का नुकसान हुआ है। जांजगीर-चांपा के अमरताल संग्रहण केंद्र में करीब 15 करोड़ 15 लाख 71 हजार 400 रुपए मूल्य का धान गायब पाया गया। कश्यप का कहना था कि सरकारी गोदामों में पर्याप्त जगह होने के बावजूद धान को निजी स्थानों पर रखा गया, जिससे चोरी और अनियमितताओं की आशंका बढ़ी। उन्होंने खरीदी केंद्रों के अध्यक्षों और प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई जगहों पर मिलकर अनियमितताएं की जा रही हैं।
सरकार द्वारा 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन केवल 141 लाख मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका। कश्यप ने कहा कि कई किसान ऋण लेकर खेती करते हैं और धान न बिकने से आर्थिक संकट में हैं। विधायक कश्यप ने पूरे प्रदेश में जांच कराने, दोषियों को निलंबित या बर्खास्त करने, सभी संग्रहण केंद्रों में सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने और गोदाम निर्माण कार्यों में तेजी लाने की मांग की! वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने काट कि किसानों को धान बोनस दिया जा रहा है और सरकार किसानों हित में काम कर रही है।






