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सक्ती थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने ली प्रेसवार्ता, बताई सक्ती पुलिस की साल भर की उपलब्धि

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर

सक्ती : सक्ती थाना परिसर में 8 जनवरी, गुरुवार को पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर (आईपीएस) ने जिलेभर के पत्रकारों के साथ नववर्ष मिलन समारोह एवं प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री ठाकुर ने प्रमुख रूप से बीते वर्ष- 2025 में सक्ती जिले में पुलिस प्रशासनिक गतिविधियों सहित अन्य विषयों पर जानकारी दी । उन्होंने बताया कि विगत् वर्ष 2025 में सक्ती जिले में कुल 2437 अपराध दर्ज हुआ था, जिसमें से वर्ष के अंत में मात्र 274 अपराध लंबित रहा है, इस प्रकार लंबित अपराध का प्रतिशत सिर्फ 11 प्रतिशत है जो कि सक्ती पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, इसी प्रकार लगभग 6 प्रतिशत ही तैयार अभियोग पत्र लंबित रहा हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में हत्या जैसे अपराध की दर में कोई अंतर नहीं आया है, यद्यपि वर्ष 2023 की तुलना में हत्या के अपराध में कमी जरूर आयी है।

नाबालिग बच्चों के अपहरण संबंधी अपराध की दर भी विगत् वर्ष जैसे ही रही हैं, वर्ष 2024 में अपहरण संबंधी कुल 112 मामले दर्ज हुए थे, वर्ष 2025 में 113 मामलें दर्ज हुए हैं। लूट जैसे गंभीर अपराध की दर में कमी आयी हैं, वर्ष 2024 में लूट के 06 मामले दर्ज थे, वर्ष 2025 में लूट का सिर्फ 02 मामला दर्ज है। इसी प्रकार चोरी, नकबजनी जैसे अपराधो में भी उल्लेखनीय कमी आयी हैं, वर्ष 2024 में चोरी नकबजनी के कुल 217 अपराध की तुलना में वर्ष 2025 में 150 अपराध ही घटित हुए हैं। इसी प्रकार छल एवं धोखाधड़ी के अपराध में भी उल्लेखनीय कमी आयी है। इसी प्रकार बच्चों से संबंधित पॉक्सो एक्ट के अपराध की दर में भी वर्ष 2024 (34 अपराध) की तुलना में वर्ष 2025 (25 अपराध) में कमी आयी है। प्रतिबंधात्मक कार्यवाही 107. 116(3) द.प्र.सं./126, 135 बीएनएसएस की कार्यवाही की संख्या में वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में बढ़ोतरी हुई हैं।

इसी प्रकार अवैध शराब बिक्री एवं परिवहन पर सख्त कार्यवाही करते हुए वर्ष 2024 की तुलना में अधिक अपराध दर्ज कर विवेचना पूर्ण कर न्यायालय पेश किया गया है। विदित हो कि श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भापुसे) अक्टूबर 2025 से पुलिस अधीक्षक सक्ती के पद पर पदस्थ है। पुलिस अधीक्षक सक्ती का पदभार ग्रहण करने के पश्चात उनके नेतृत्व में वर्ष के अंतिम दो माह में लंबित अपराधों का तेजी से निराकरण हुआ है एवं जिले के लंबित अपराध की संख्या में उल्लेखनीय कमी भी आयी हैं।