एसईसीएल गेवरा खदान के हैवी ब्लास्टिंग से दहल उठा भिलाई बाजार स्कूल हैवी ब्लास्टिंग से स्कूल का गिरा छत 447 बच्चों के जान को बना रहता है खतरा

कोरबा – एसईसीएल गेवरा द्वारा लगातार हैवी ब्लास्टिंग से आसपास के इलाकों में डर का माहौल है,एक ओर जहां घरों की दीवारों छतों में दरारें आ रही है वहीं स्कूल भी अब सुरक्षित नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार जिले के हरदीबाजार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भिलाई बाजार में गेवरा खदान के मुहाने से ग्राम के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल की दूरी महज 50 मीटर से भी कम बचा हुआ है, फिर भी गेवरा एसईसीएल प्रबन्धन अपने हैवी ब्लास्टिंग कराने से बाज नहीं आ रहा। हर रोज दोपहर भारी भरकम बलास्टिंग हो रहा जिसके कारण स्कुली बच्चों को डर बना हुआ है की कही स्कूल ही ढह न जाए,बीते सोमवार को दोपहर लगभग 2 बजे के आसपास स्कूल के ठीक पीछे एक साथ सैकड़ों होल में बारूद भरकर एक साथ ब्लास्टिंग हुआ जिससे स्कूल का छत भरभरा कर गिर गया, गनीमत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई छात्र नहीं था, नहीं तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी, ब्लास्टिंग के इस डर के साए में सैकडों बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं अधिकांश बच्चे डर से स्कूल भी नहीं आ रहे, खदान के हैवी ब्लास्टिंग का पत्थर भी छिटक कर स्कूल परिसर तक पहुंच रहा हैं, ब्लास्टिंग के कारण स्कूल के खिड़की के शीशे भी टूट कर चकना चूर हो गए हैं, ब्लास्टिंग के बाद कोयले, राखड़ के धूल से पूरा स्कूल परिसर पटता जा रहा है, सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे हैं तो पूरा कक्षा धूल से भरा रहता है बच्चे खुद से धूल डस्ट को साफ कर बैठते हैं, ब्लास्टिंग के कारण स्कूल का बाउंड्रीवॉल भी टूट चुके हैं जिस कारण बच्चे खदान के मुहाने तक भी पहुंच जाते हैं जिससे गहरे खदान में गिरने का डर बना हुआ है, खदान में हो रही हैवी ब्लास्टिंग को कम करने, ब्लास्टिंग से स्कूल का दीवार, बिल्डिंग जर्जर हो जाने, छत के गिरने की शिकायत स्कूल के प्राचार्य जी.पी. जाटवर में अपने उच्च अधिकारियों व एसईसीएल गेवरा प्रबन्धन से कर चुके हैं फिर भी आज तक इस समस्या से मुक्ति नही मिल रही। जब भी एसईसीएल गेवरा प्रबन्धन को पत्र लिखकर शिकायत करते हैं,प्रबंधन के एक या दो अधिकारी स्कूल पहुंच कर  बलास्टिंग को कम करने की बात कहकर चले चले जाते हैं। उनके जाने के बाद फिर से हैवी ब्लास्टिंग शुरू हो जाता है। बीते सोमवार को हुई हैवी ब्लास्टिंग की जानकारी प्राचार्य ने पत्र लिख कर एसईसीएल को अवगत कराया तो आज मंगलवार को एसईसीएल गेवरा से जीएम माइनिंग अशोक, जीएम सिविल के.सुरेश, एवम नोडल अधिकारी सीएसआर, आरएल कोसरिया सिविल अधिकारी स्कूल पहुंच कर स्कूली बच्चों की समस्या से अवगत हुए। उनके जाने के बाद पुनः दोपहर को हैवी ब्लास्टिंग हुई, वहीं एक ओर एसईसीएल के अधिकारी स्कूल पहुंच हैवी ब्लास्टिंग नहीं होने देने की बात कहकर गए उनके जाने के बाद फिर से हैवी ब्लास्टिंग होना निश्चित रूप खाना पूर्ति करना ही था । जब एसईसीएल के अधिकारी स्कूल के पीछे खदान के पास देखने गए थे तो उन्होंने देखा भी था की वहां लगभग 130 से भी जायदा होल थे जो ब्लास्टिंग के लिए तैयार थे,। स्कूल के प्राचार्य जीपी जाटवर का कहना है कि यदि हैवी ब्लास्टिंग कम नहीं किया गया तो स्कूल चलाना मुश्किल हो जाएगा साथ ही उनका कहना है स्कूल परिसर व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से खदान की दूरी महज़ 50 मीटर से भी कम है जब की मानकों के अनुसार इतनी कम दूरी पर बालस्टिग करना विधि संगत नहीं है। खदान से रियायसी इलाके की दूरी 500 मीटर से अधिक होनी चाहिए लेकिन यहां तो सिर्फ़ 50 मीटर से भी कम दूरी पर खदान चल रहा है। क्या एसईसीएल गेवरा प्रबन्धन कोई बड़ी अनहोनी का इन्तजार कर रहा, एसईसीएल प्रबन्धन को किसी की जान का कोई परवाह नहीं उन्हें तो बस अपने कोयला उत्पादन से मतलब है।जब जीएम माइनिंग ने स्कूल के समय में बदलाव की बात कही तो स्कूल प्रबन्धन ने स्कूल के समय में बदलाव में असमर्थता जताई । वहीं स्कूल के छात्र छात्राओं का कहना है कि यदि एसईसीएल गेवरा प्रबन्धन स्कूल के पीछे खदान में हैवी ब्लास्टिंग को बंद नहीं करती तो वे खदान में उतर कर काम को बंद कराएंगे। जब प्राचार्य ने रजिस्टर में बैठक का विवरण लिखे तो जीएम माइनिंग ने रजिस्टर में लिखे एक लाइन विद्यालय समय में ब्लास्टिंग नहीं किया जाएगा वाली बात से इंकार किये। मीडिया से बात करते हुए जीपी जाटवार (प्राचार्य) ने बताया की खदान के हैवी बलास्टिंग से हम एसईसीएल प्रबन्धन को कई बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन आज तक हमारी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा, हमारे स्कूल में अभी 447 विद्यार्थी अध्यनरत है, इसके पूर्व में भी हैवी ब्लास्टिंग से छत गिरा था जिसमें मेरे सर में चोट लगी थी, जब चोट लगने की जानकारी एसईसीएल प्रबन्धन को हुई तो वे कुछ कमरों में लोहे की फाल सीलिंग करवाए थे, वहीं आज भी छत हैवी ब्लास्टिंग से भरभरा कर गिर गया, स्कूल का दीवार भी कमजोर हो चुके हैं दीवारों में बड़ी बड़ी दरारें आ गई है इस कंडीशन में हमें स्कूल चलाना बहुत मुस्किल हो गया है। एसईसीएल प्रबन्धन को हावी ब्लास्टिंग बंद कर देना चाहिए। जीएम माइनिंग एसईसीएल गेवरा ने कहा कि हां हमने देखा स्कूल से खदान की दूरी बहुत ही कम बची है, स्कूल प्रबन्धन अपने बच्चों के स्कूल समय का बदलाव कर लेवें, हम हैवी बलास्टिंग को कम करवाने की बात अपने अधिकारियों से करते हैं। हम मशीन लगा कर बलास्टिंग की तीव्रता को नपवाते हैं की किस तरफ ज्यादा ब्लास्टिंग हो रही है। आप लोग स्कूल को कहीं अन्यत्र शिफ्ट करवाएं लगभग 8 से 9 माह में नए जगह नई बिल्डिंग बन जाएगी वहीं स्कूल को संचालित कराएं। अभी स्कूल का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक संचालित करवाएं।  इस पर छबीचन्द कौशिक (अध्यक्ष शाला विकास समिति) ने कहा की जब तक भिलाई बाजार का संपूर्ण अधिग्रहण नहीं हो जाता गांव वाले हॉस्पिटल व स्कूल को अन्यत्र शिफ्ट नही करने देगें । अभी एसईसीएल प्रबन्धन खदान के हैवी ब्लास्टिंग को बंद कर नहीं तो हम खदान में उतर कर काम को बंद कराने बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी गेवरा प्रबन्धन की होगी।

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