महाआंदोलन/कोरबा/ रेल और सड़क मार्ग से कोयला परिवहन करेंगे बंद, 54 गांवों के महापंचायत में लिया गया फैसला…..

महाआंदोलन/कोरबा/ रेल और सड़क मार्ग से कोयला परिवहन करेंगे बंद, 54 गांवों के महापंचायत में लिया गया फैसला…. देंखे वीडियो..

अधिग्रहित जमीन की वापसी, रोजगार व पुनर्वास ग्रामों की समस्या की लेकर महापंचायत में जुटे 54 गांव के भू विस्थापित….11 सितंबर को कुसमुंडा के पास रेल और सड़क मार्ग से जाने वाले कोयला परिवहन को रोक कर आर्थिक नाकेबंदी का प्रस्ताव महापंचायत में पास….एसईसीएल के खिलाफ किसान सभा के नेतृत्व में पहली बार सभी भू विस्थापित संगठन एकजुट…आर्थिक नाकेबंदी में जुटेंगे पांच हजार से अधिक भुविस्थापित…

कोरबा – छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की समस्याओं को लेकर महापंचायत में 54 गांव के 5 से अधिक भू विस्थापित संगठन से जुड़े हजारों प्रभावित भू विस्थापित शामिल हुए। महापंचायत में 11 सितंबर को कुसमुंडा के पास रेल और सड़क मार्ग जाम कर कोयले की आर्थिक नाकेबंदी का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। महापंचायत में 11 सितंबर के आर्थिक नाकेबंदी को सफल बनाने के लिए गांव गांव में चावल दाल कलेक्शन,9 सितंबर को मशाल जुलूस और अधिकार यात्रा का जत्था निकलने के साथ नुक्कड़ सभा पर्चे वितरण का प्रस्ताव भी लिया गया है। महापंचायत का संचालन किसान सभा के नेता दीपक साहू ने किया। महापंचायत को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कोरबा सभी क्षेत्रों के भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। एसईसीएल के अधिकारियों का ध्यान केवल भू विस्थापितों के अधिकारों छीन कर आपस में लड़वाकर केवल कोयला उत्पादन को बढ़ाने और उच्च अधिकारियों को खुश करने की है जिसमें जिला प्रशासन भी एसईसीएल के साथ खड़ी है प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी भू विस्थापित संगठन अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है अब भू विस्थापित किसानों की एकजुटता के सामने कोई प्रबंधन टिकने वाली नहीं है। महापंचायत को भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव,मोहन यादव,ऊर्जाधानी भू विस्थापित किसान कल्याण समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष संतोष राठौर, दिलहरण दास, बृजेश श्रीवास, कोयलाधानी भू विस्थापित संघ के गजेंद्र सिंह ठाकुर, भू विस्थापित धरती पुत्र समिति गेवरा के कोमल खर्रे, भू विस्थापित कोयलांचल समिति के ईश्वर पाटले, भू विस्थापित कामगार संगठन जटराज से विनोद पटेल,मानिकपुर भू विस्थापित संगठन से देव कुमार पटेल किसान सभा से जवाहर सिंह कंवर, नंदलाल कंवर,सुभद्रा कंवर, सुमेंद्र सिंह ठकराल,जय कौशिक, जनपद सदस्य चैत कुंवर, बाबूलाल कंवर ग्राम पटेल विजयनगर,के साथ बढ़ी संख्या में भू विस्थापितों ने महापांचत को संबोधित किया और सभी ने एकजुट होकर एसईसीएल के खिलाफ संघर्ष करने का ऐलान करते हुए कहा कि एसईसीएल पर भू विस्थापितों को भरोसा नहीं है एसईसीएल को कार्य धरातल पर करते हुए कार्यों का रिजल्ट दिखाना होगा हर बार आंदोलन के बाद झूठा आश्वाशन प्रबंधन देता है जब तक निर्णायक निर्णय भू विस्थापितों के पक्ष में नहीं होगा तो संघर्ष और तेज होगा। भू विस्थापितों की मांग पूरी नहीं होने पर 11 सितंबर को कुसमुंडा के पास सभी संगठन मिलकर कोयले की आर्थिक नाकेबंदी चक्काजाम आंदोलन करेगी। इस कोयले की आर्थिक नाकेबंदी को सफल बनाने के लिए गांव गांव में पर्चे वितरण, जत्था निकालने,मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया है।किसान सभा और भू विस्थापित संगठन ने मिलकर महापंचायत से प्रस्ताव पास कर *मांग* की है की वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये और अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण का निराकरण कर जिनकी भी जमीन अधिग्रहण की गई है उन्हे बिना शर्त रोजगार प्रदान किया जाए|पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापसी करायी जाये | कोरबा, कुसमुंडा एवं अन्य क्षेत्र में अर्जित जमीन मूल खातेदारों को वापस किया जाए और जरूरत होने पर पुन: अर्जन की प्रक्रिया पूरा कर पुनर्वास नीति के अनुसार भू विस्थापितों को लाभ दिलाया जाए।

अर्जित गाँव से विस्थापन से पूर्व उनके पुनर्वास स्थल की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था किया जाये | 

आउट सोर्सिंग कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए

महिलाओं को स्व रोजगार योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए

पुनर्वास गांव में काबिज भू विस्थापितों को पूर्ण काबिज भूमि का पट्टा दिया जाए

विजयनगर, नेहरु नगर,गंगानगर, समेत सभी पुनर्वास गांव को पूर्ण विकसित माडल गांव बनाने समेत 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है।

एसईसीएल के आश्वाशन से थके भू विस्थापितों ने अब आर पार लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है किसान सभा और सभी भू विस्थापित संगठन ने एलान करते हुए कहा है कि भू विस्थापितों के समस्याओं पर सकारात्मक पहल कदमी नहीं होने पर जिले से बाहर जाने वाले कोल परिवहन को बंद किया जाएगा। कुसमुंडा,गेवरा,दीपका से निकलकर रेल मार्ग से जाने वाले कोयला गाड़ियों को कुसमुंडा के पास और कुसमुंडा से रोड के माध्यम से जाने वाले ट्रकों को 11 सितंबर को रोक कर कोयले की आर्थिक नाकेबंदी करते हुए चक्काजाम को सफल बनाने के लिए गांव गांव पहुंचकर पर्चे बांट कर भू विस्थापितों से संपर्क कर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की जाएगी चक्काजाम में पांच हजार भू विस्थापितों की जुटने की संभावना है। प्रेस विज्ञप्ति – जवाहर सिंह कंवर, जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ किसान सभा

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