नक्सल राह छोड़ नई जिंदगी की शुरुआत: चलपती गैंग से जुड़े चार पूर्व नक्सलियों ने CM कन्या विवाह योजना में रचाई शादी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत आज मंगलवार को 6 हजार 414 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। छह हजार से ज्यादा जोड़ों ने एक दूजे का हाथ थामा। सभी नवदांपत्य जीवन में प्रवेश किये। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत प्रदेश में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। सभी जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत कर एक नया रिकार्ड बनाया है। इस विवाह की सबसे बड़ी खासियत ये रही कि इसमें खूंखार नक्सली कमांडर चलपती के साथ रहे चार सरेंडर नक्सलियों ने भी शादी रचाई। प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय की मौजूदगी में सभी जोड़ों ने एक दूसरे का हाथ थामा। सीएम साय ने सभी को नवदांपत्य जीवन की बधाई और शुभकामनायें दी। उनके उज्जल भविष्य की कामना की।
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इन जिलों में हुआ आयोजन
बता दें कि यह आयोजन प्रदेश में कई जिलों में हुआ। इन जिलों में रायपुर, कवर्धा, जगदलपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव आदि जिले शामिल हैं। कुल मिलाकर सामूहिक विवाह का आंकड़ा 6 हजार 414 है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर नव विवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना गरीब माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ा सहारा है। उन्होंने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि पूर्व में निर्धन परिवारों को बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए अपनी संपत्ति तक गिरवी रखनी पड़ती थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने 2005 में इस जिम्मेदारी को उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2005 में मात्र 5 हजार रुपये की सहायता राशि से शुरू हुई यह योजना आज 50 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है, जो गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का प्रतीक है।
योजना के तहत मिले रुपये और उपहार
रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 1 हजार 316 जोड़ों का विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न हुआ। इन विवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 35 हजार रूपए उनके बैंक खातें में सहायता राशि और 15 हजार रुपए की राशि के उपहार सामग्री और विवाह के आयोजन में खर्च की गई। इस कार्यक्रम से बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद एवं राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ें। शेष जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गये, जिनमें संबंधित प्रभारी मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
इन धर्मों के लोगों ने रचाई शादी
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में हिंदू रीति से 6,281, मुस्लिम रीति से 3, ईसाई रीति से 113, बौद्ध रीति से 5 और बैगा समुदाय के 10 जोड़े विवाह सूत्र में बंधें। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से राज्य शासन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रहा है। यह वृहद आयोजन सामाजिक समानता, समरसता एवं जनकल्याणकारी शासन के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है।
आत्मसमर्पित चार नक्सली विवाह बंधन में बंधे
इस योजना की खासियत यह है कि इसमें चार जोड़े आत्मसमर्पित नक्सली थे। ये विवाह बंधन में बंध रहे थे, पंडित मंत्रोचार कर रहे थे और जैसे ही एक-दुजे के हुए, उसके बाद तो बिना बोले ही छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना की तारिफ कर रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक ये चार जोडे़ में दिलीप उर्फ संतु – मंजुला उर्फ लखमी, दीपक उर्फ भीमा मंडावी – सूनीता उर्फ जुनकी, कैलाष उर्फ भीमा – रनीता उर्फ पायकी कारम, राजेंद्र उर्फ कोसा मुरिया – जैनी उर्फ देवे मड़कम है। यह सभी कांकेर-सुकमा-बीजापुर जिले से हैं। इन लोगों ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यधारा में जुड़ने के बाद हमें नया जिंदगी मिला है। जीवनसाथी के साथ आप सब के आषीर्वाद से खुषहाल जिंदगी बसर करेंगे।





