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Israel US Iran War: ईरान के मिसाइल अटैक से 13 अमेरिकी बेस पर भारी नुकसान का दावा

Israel US Iran War: ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले में मिडिल-ईस्ट में स्थित अमेरिका के सैन्य अड्डों को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा है। यह खुलासा अमेरिका के प्रसिद्ध अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। अखबार का दावा है कि ईरानी हमले के बाद मिडिल-ईस्ट के 13 अमेरिकी सैन्य बेस अब बिलुकल रहने लायक नहीं हैं। बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या किए जाने के बाद से ईरानी सेना लगातार मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के सभी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रही है।

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ईरान को हल्के में आंकना ट्रंप को पड़ रहा भारी

ईरान पर हमला करने के बाद अमेरिका और इजरायल को तेहरान से इतने बड़े और खतरनाक पलटवार की उम्मीद नहीं थी। मगर ईरान ने इजरायल और अमेरिका के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों से भारी तबाही मचाई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के हमलों से अमेरिकी सेना को ‘लंबे युद्ध’ में उतरना पड़ा। ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों ने कई महत्वपूर्ण अमेरिकी ठिकानों को “लगभग निर्जन” बना दिया है, जिसके चलते सैनिकों को होटलों और कार्यालयों सहित अस्थायी सुविधाओं में शरण लेनी पड़ी है।

बुरा फंसा अमेरिका

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के इस भारी पलटवार के चलते अमेरिकी सेना के कुछ हिस्सों को प्रभावी रूप से “दूरस्थ युद्ध” की स्थिति में धकेल दिया है, जहां जमीनी कर्मी अस्थायी स्थानों से काम कर रहे हैं, जबकि हवाई अभियान चालू ठिकानों से जारी हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मध्य-पूर्व क्षेत्र में स्थित 13 अमेरिकी सैन्य ठिकानों में से कई बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनमें ईरान के निकट स्थित कुवैत के ठिकानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी अधिकारियों और सैन्य कर्मियों ने यह जानकारी दी। कुवैत में पोर्ट शुएबा, अली अल सलेम एयर बेस और कैंप ब्यूहरिंग जैसी सुविधाओं पर ईरान ने बड़े हमले किए हैं।

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ईरानी हमले से पूरी तरह ध्वस्त हुए अमेरिकी सैन्य बेस

रिपोर्ट में कहा गया है कि मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के सैन्य बेस पर ईरान के घातक हमले के चलते अब इन सैन्य बेसों का परिचालन, विमान अवसंरचना और ईंधन प्रणालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन हमलों से न केवल रसद व्यवस्था बाधित हुई है, बल्कि इन स्थानों से सैनिकों की सुरक्षा और दीर्घकालिक सैन्य अभियानों की स्थिरता को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। ईरान की यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका और इज़रायल की चल रही सैन्य कार्रवाई के जवाब में है, जिसमें तेहरान पूरे क्षेत्र में ठिकानों, दूतावासों और ऊर्जा अवसंरचनाओं को निशाना बना रहा है। इस हमले में कतर, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देशों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन हमले किए गए हैं।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026