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Indira Gandhi Jayanti 2025: राजनीति से लेकर अर्थव्यवस्था तक, इंदिरा गांधी की नीतियों ने बदला देश का भविष्य

Indira Gandhi Jayanti 2025 : भारत के इतिहास में कुछ नेता ऐसे हुए हैं, जिन्होंने अपनी निर्णायक सोच और साहसिक कदमों से देश की दिशा बदल दी। इनमें सबसे खास नाम है इंदिरा गांधी का, जिन्हें उनकी मजबूत नेतृत्व क्षमता और दृढ़ निर्णयों के लिए “आयरन लेडी ऑफ इंडिया” कहा जाता है। उनकी नीतियों और फैसलों ने राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में गहरा असर डाला।

चाहे देश के भीतर राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना हो, आर्थिक सुधार लागू करना हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करना हो, इंदिरा गांधी ने हर चुनौती का सामना साहस और दूरदर्शिता के साथ किया। उनके कई निर्णय विवादित रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा देशहित को प्राथमिकता दी। ऐसे में हम उनकी जयंती जोकि 19 नवंबर के दिन मनाई जाएगी के मौके पर उनके पांच महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने न केवल उनकी छवि मजबूत नेतृत्व वाले नेता वाली बनाई। उनके इन्हीं फैसलो ने भारत के भविष्य की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाई।

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1. नेशनलाइजेशन ऑफ बैंक्स 

14 प्रमुख बैंकों का राष्ट्रीयकरण के उनके इस फैसले ने बड़े पैमाने पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर गरीब और मध्यम वर्ग तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाई। उनके इस फैसले की वजह से ही गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों तक बैंकिंग की सुविधा पहुंच पाई। इससे पहले बैंक सिर्फ अमीरों के लिए था।

2. ग्रीन रिवोल्यूशन  

इंदिरा गांधी का ये फैसला काफी खास था। कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरित क्रांति का फैसला लिया गया था। ग्रीन रिवोल्यूशन यानी कि हरित क्रांति के तहत उन्नत बीज, सिंचाई और तकनीक अपनाई गई, जिससे भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना।

3. बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में निर्णायक भूमिका

जब 1971 में बांग्लादेश की मुक्ति के लिए पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध चल रहा था तो इंदिरा गांधी के मजबूत फैसलों की वजह से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ताकत और भूमिका मजबूत हुई। इस दौरान उनकी राजनयिक और सैन्य रणनीति की सराहना काफी ज्यादा हुई थी।

4. स्माइलिंग बुद्धा का सफल परीक्षण

इंदिरा गांधी के राजनीतिक साहस और आत्मनिर्भर भारत की सोच का प्रतीक था ये परीक्षण। दरअसल, भारत में 18 मई 1974 में पोखरण का पहला परमाणु परीक्षण हुआ था। इस परीक्षण से भारत अमेरिका, सेवियत यूनियन, फ्रांस, और चीन के बाद सफलता पूर्वक परमाणु परीक्षण करने वाला छठा देश बन गया था।

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5. सिक्किम का भारत में विलय

सिक्किम का भारत में विलय 16 मई, 1975 को हुआ, जब यह भारत का 22वां राज्य बना। ये इंदिरा गांधी के नेतृत्व में ही सफल हो पाया था। उनके इस फैसले की वजह से ही भारत की भौगोलिक अखंडता को मजबूत हुई थी। ।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026